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तब शायद रुक जाए दलाली...केंद्रों पर कैमरे लगाने की तैयारी

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बदायूं। प्रशासन अब किसानों से धान खरीद की तैयारी में जुट गया है। शासन के साफ निर्देश हैं कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए निर्देश दिए गए हैं कि किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए धान खरीद एक अक्तूबर से शुरू कर दी जाए ताकि किसानों को अपना धान बेचने के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। वहीं यह भी निर्देश दिए हैं कि धान केंद्रों पर बिचौलियों और दलालों का प्रवेश किसी भी हालत में नहीं होना चाहिए अगर ऐसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इधर प्रशासन दलालों का प्रवेश रोकने के लिए केंद्रों पर सीसीटीवी लगाने पर विचार कर रहा है।
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शासन की मंशा है कि धान किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए उनकी ओर से संबंधित जिलों के अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए गए है। इसमें सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसी भी दशा में किसानों को कोई भी दिक्कत नहीं होनी चाहिए। शासन की ओर से जो समर्थन मूल्य घोषित किए गए हैं, उसका पूरा लाभ किसानों को मिलना चाहिए। अगर इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही होते है, तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी जिम्मेदार होंगे। ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निर्देश मिलने के बाद जिला स्तरीय अधिकारियों ने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। इस बार केंद्रो पर दलालों पर अंकुुश लगाने के लिए प्रशासन सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी तैयारी कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि कैमरे लगने के बाद दलाल खुद ही केंद्रों पर आने से हिचकेंगे।

22 हजार 500 एमटी है लक्ष्य
-शासन की ओर से इस बार जिले को 22 हजार 500 मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 50 एमटी कम है। लक्ष्य कम होने से विभाग पर कोई फर्क नहीं पड़ा। हालांकि विभागीय अधिकारी इस बार लक्ष्य अधिक कम होने का अनुमान लगा रहे थे।
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टोल फ्री नंबर पर करें शिकायत
धान बेचने के संबंध में अगर किसान को कोई परेशानी होती हैै, तो उसके समाधान के लिए शासन की ओर से टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया है। किसान 18001800150 पर कॉल कर समाधान पा सकते हैं।

केंद्रों पर तो सीसीटीवी कैमरा लगा दें, तभी फायदा मिलेगा, क्योंकि उसके लग जाने के बाद में जो भी दलाल आएगा, उसके बारे में जानकारी हो जाया करेगी, साथ ही कर्मचारी भी मनमानी नहीं करेंगे। ऐसे में किसानों को पूर्णता न्याय मिलेगा।
-सियाराम, औरंगाबाद खालसा

केंद्रों पर दलालों और माफिया को बोलबाला रहता है इस वजह से किसानों को वहां पर सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। उस पर लगाम लग जाए, तो सरकार अपने मकसद में कामयाब हो सकती है। अन्यथा हर साल की तरह ये साल भी ऐसे ही कटेगा।
-हरपाल सिंह, अहरुईया

दलालों पर नकेल कसना बेहद जरूरी है, वरना ये किसानों को कोई फायदा नहीं होने देंगे। सरकार की मंशा केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगी, जिसके बाद में योजना विफल साबित होगी।
-अतर प्रताप सिंह, कुंवरगांव

किसानों का सीधा संपर्क अगर केंद्र प्रभारी से हो, तो कहीं पर कोई दिक्कत न हो, लेकिन केंद्र प्रभारी दलालों की वजह से सीधे मुंह बात नहीं करते हैं, जिसकी वजह से किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है।
-धर्मवीर, अहरूईया

हमारा ये प्रयास रहेगा कि किसी भी सेंटर पर कोई भी दलाल या बिचौलिया न रहे, इसको लेकर खास निर्देश सभी को दिए हैं। अगर ऐसा मिलता है, तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रही बात सीसीटीवी कैमरे की तो उस पर विचार किया जा रहा है। अगर कैमरे लग जाएंगे, तो शिकायत काफी हद तक कम हो जाएगी।
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-प्रकाश नारायण, जिला विपणन अधिकारी
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