उझानी (बदायूं)। सालों पुराने गुठाइन तालाब को एक बार फिर कब्जा करने की नीयत से पाटने की कोशिश में जुटे भूमाफिया के लिए शनिवार को मुंह की खानी पड़ी। शुक्रवार शाम को इसकी भनक स्थानीय अफसरों को लग गई थी लेकिन अगले दिन पूर्वाह्न तक अफसर हरकत में नहीं आए तो इसकी शिकायत पहले डीएम फिर मुख्यमंत्री के व्हाटसएप नंबर पर की गई। इसके बाद हरकत में आए स्थानीय अफसरों ने आनन-फानन में तालाब की ओर रुख किया। कब्जे की कोशिश में जुटे भूमाफिया के साथ मजदूरों को भी खदेड़ दिया गया। मौके से तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को कब्जे में ले लिया गया।
गुठाइन तालाब का रकबा मोहल्ला बाजारकलां, नझियाई समेत बाईपास तक है। सैकड़ों बीघा में फैले तालाब पर शुक्रवार शाम को भूमाफिया ने मिट्टी डलवाकर पाटना शुरू कराया तो मोहल्ले के लोगों ने राजस्व कर्मियों को अवगत कराया। पुलिस को भी सुबह बता दिया गया कि दो-तीन दिन में तालाब के अधिकतर हिस्से पर कब्जा कर लिया जाएगा। पूर्वाह्न में इसकी शिकायत मोहल्ला साहूकारा निवासी सिपट्टर सिंह सोलंकी ने डीएम और सीएम के व्हाट्सएप नंबरों पर मेसेज देकर कर दी। इसके बाद राजस्व निरीक्षक सुरेशपाल सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे तो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पीली बालू अनलोड की जा रही थी। पुलिस ने भूमाफिया और मजदूरों को खदेड़ दिया। चालक भी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को छोड़कर भाग गए। पुलिस ने तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को कब्जे में ले लिया। बाद में राजस्व कर्मियों ने अभिलेखीय आधार पर तालाब के आसपास के हिस्से की भूमि की पैमाइश भी की। राजस्व निरीक्षक सुरेशपाल सिंह ने बताया कि मौके पर किसी राजेंद्र नामक व्यक्ति ने एक हिस्से पर मालिकाना हक बताया है। इस बात की तस्दीक तालाब के रकबे के बारे में पुराने अभिलेखों को देखने के बाद ही पता चलेगी।
गद्दी टोला के तालाब पर भी भूमाफिया की नजर
उझानी। दो महीना पहले कुछ लोगों ने गद्दी टोला मोहल्ले के तालाब पर भी कब्जा करने का प्रयास किया था। जो लोग उसे अपने हिस्से में बता रहे थे, उनके नाम बहुत कम भूमि थी लेकिन आसपास तालाब को पाटना शुरू कर दिया गया था। उस समय भी मामला अफसरों के संज्ञान में पहुंचा तो पुलिस और राजस्व कर्मियों को कार्रवाई करनी पड़ी थी। इधर, बाजारकलां और नझियाई मोहल्ले के लोगों की माने तो गुठाइन तालाब को लेकर सही ढंग से जांच हो तो तालाब के दो छोर पर कब्जे की हकीकत सामने आ सकती है। चूंकि कब्जा करने वाले प्रभावशाली लोग हैं, सो कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता पूरी कर ली जाती है।
तालाब पाटे जाने की शिकायत संज्ञान में आने के बाद मौके पर जाकर तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को कब्जे में ले लिया गया है। हकीकत तो राजस्व कर्मी ही अभिलेखों के आधार पर बता पाएंगे लेकिन तब तक के लिए काम रुकवा दिया गया है। अगर किसी ने मालिकाना हक साबित होने से पहले मिट्टी डाली तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
- विनोद कुमार चाहर, प्रभारी निरीक्षक