उझानी (बदायूं)। हलवाई चौक से सुकटिया जाने को ई-रिक्शा में सवारी बनकर बैठे दो बदमाशों ने साथियों संग रास्ते में ही चालक और उसके चाचा को लूट लिया। बोलेरो से पहुंचे उनके साथी बदमाशों ने ई-रिक्शा की बैट्रियां भी निकाली और दोनों को साथ ही बैठा लिया। फिर बदमाश दोनों को कुछ दूर सुनसान रास्ते पर फेंककर भाग निकले। पीड़ितों ने लौटते वक्त मिली पीआरवी के सिपाहियों को घटना की जानकारी दी। हालांकि पुलिस अभी तक बदमाशों का सुराग नहीं लगा सकी है।
मोहल्ला भादवारगंज निवासी मनोज ई-रिक्शा चलाते हैं। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे वह हलवाई चौक के पास सवारियों का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच दो युवक उनके पास पहुंचे और सुकटिया चलने की बात कही। मोल भाव के बाद राजी होकर उन्होंने दोनों को बैठा लिया और निकलने से पहले अपने चाचा प्रेमशंकर को भी बैठा लिया। मनोज के मुताबिक गांव पटपरागंज के पास पहुंचते ही पीछे से आई एक बोलेरो ई-रिक्शा के आगे आकर रुकी और उसमें से उतरे तीन लोगों ने उन्हें पकड़ लिया। सवारी बनकर बैठे दोनों युवकों भी उनके साथ हो लिया। उसने और प्रेमशंकर ने शोर मचाया तो बदमाशों ने उन्हें बुरी तरह पीट दिया। आरोप है कि बदमाशों ने उनसे करीब दो हजार रुपये और दो मोबाइल लूट लिए। इतना ही नहीं ई-रिक्शा की दोनों बैट्रियां निकालकर उसे गड्ढे में ढकेल दिया। फिर दोनों को जबरन बोलेरो में बैठाकर चल दिए। बताया कि बदमाश कुछ दूर उन्हें बमनौसी से आगे बोंदरी के पास सुनसान रास्ते पर फेंककर भाग निकले। किसी तरह भागकर वह दोनों निकले तो एक पीआरवी खड़ी मिली। उन्होंने सिपाहियों को लूट की जानकारी दी। सूचना पर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची लेकिन बदमाशों का पता नहीं लगा सकी।
शहर के एक मुख्य स्थान से सवारी बनकर ई-रिक्शा में बैठना और फिर चालक-हेल्पर को लूटना की घटना को पुलिस हल्के में ले रही है। लगातार विरोध प्रदर्शन होने के चलते सड़कों पर भारी पुलिस बल तैनात होने के बावजूद बेखौफ बदमाश वारदातों को अंजाम देकर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। पुलिस ने मामले की पड़ताल करना भी जरूरी नहीं समझा। पीड़ित को भी पुलिस ने जांच के नाम पर टहला दिया। ऐसे में शहर के रिक्शा-टेपों चालकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।