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Budaun News: बच्चों के हाथों में औजार नहीं, बल्कि किताब हो

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बदायूं। अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर कलक्ट्रेट में श्रम विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में सहायक श्रमायुक्त श्वेता गर्ग ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों और व्यापारी संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की।
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राष्ट्रीय उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष जितेंद्र महाजन ने कहा कि किसी भी देश का भविष्य उसके बच्चों पर निर्भर करता है। यदि बच्चों के कंधों पर शिक्षा के बजाय मजदूरी का बोझ डाल दिया जाए तो राष्ट्र के विकास की नींव कमजोर हो जाती है। उन्होंने कहा कि व्यापार का विकास कभी भी मासूम बच्चों के शोषण की कीमत पर नहीं होना चाहिए। बच्चों के हाथों में औजार नहीं, बल्कि किताब और कलम होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुकानों, प्रतिष्ठानों और उद्योगों में बाल श्रम को बढ़ावा देना न केवल कानूनी अपराध है बल्कि सामाजिक अभिशाप भी है। समाज को कानून के डर से नहीं बल्कि नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए बाल श्रम के खिलाफ खड़ा होना होगा। संवाद
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