उघैती के गांव में चौपाल पर बैठे लोग। संवाद
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उघैती (बदायूं)। क्षेत्र के गांव महानगर में लगी एक चौपाल पर लोगों की चर्चा में इलाके के तमाम मुद्दे शामिल रहे। अलाव पर हाथ सेंकने वालों हर पीढ़ी के लोग थे। बुजुर्ग किसानों की बड़ी परेशानी छुट्टा पशुओं की दिखी तो जवानों ने नौकरी न मिलने का रोना रोया। उघैती के नगर पंचायत न बनने की टीस भी दिखी। सियासी मौसम में किसी ने वर्तमान सरकार के लौटने की बात कही तो कुछ ने बदलाव जरूरी बताया।
चौपाल पर अलाव के पास बैठे मोहर सिंह ने कहा कि गांव में कई सड़कें खराब पड़ी हैं। लोथर से महानगर के संपर्क मार्ग पर कई गड्ढे हैं और जलभराव हो रहा है। शिकायतें करके हार चुके हैं। बोले-जाने कब यह नरक दूर होगा। रघुवीर सिंह ने छुट्टा पशुओं की बात छेड़ी। कहा कि नजर बचते ही आवारा पशु फसल खराब कर देते हैं। किसानों की रोजी रोटी तबाह हो गई है।
युवा अभय यादव ने रोजगार को लेकर कोई इंतजाम न होने का जिक्र किया। कहा कि गांव से लेकर आसपास इलाके के युवा दिल्ली जाकर ही नौकरी कर पाते हैं। जिन लोगों पर खेती नहीं है, उनके पास रोजगार का दूसरा विकल्प नहीं है।
चंद्रभान ने सरकारी इंटर कॉलेज की कोई व्यवस्था न होने पर तंज कसा। कहा कि बिल्सी से इस्लामनगर व बदायूं तक जाकर इंटर और स्नातक की पढ़ाई करनी पड़ती है। लड़कियां तो हाईस्कूल के बाद पढ़ ही नहीं पातीं। गांव के रामाशंकर उघैती सरकारी अस्पताल की बदइंतजामी से आहत दिखे। कहा कि हर काम के लिए रेफर ही करते हैं। गांव के अनिल और सोमवीर का कहना था कि नेता चुनाव के बाद आते ही नहीं हैं। लोग किसे अपनी समस्या बताएं। इस चुनाव में कुछ बेहतर होने की उम्मीद है। संवाद