बदायूं। दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव वीरमपुर में 14 अगस्त की देर रात निर्माणाधीन मकान में सो रही मां-बेटी की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई। इसकी विवेचना में तीन लोग निर्दोष पाए गए। वहीं तीन सगे भाइयों के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है।
गांव वीरमपुर निवासी जयंती (35) की शादी वजीरगंज थानाक्षेत्र के गांव रोटा निवासी गजेंद्र से हुई थी। गजेंद्र की 12 साल पहले सड़क हादसे में मौत हो गई। कुछ साल जयंती ससुराल में रही। तीन साल पहले वह वीरमपुर अपने मायके में आकर रहने लगी। उन्होंने तीन महीने पहले ससुराल की 28.50 लाख रुपये में जमीन बेची थी। इससे वह गांव के बाहरी दिशा में मकान का निर्माण करा रहीं थीं। जयंती अकेली थी। इसके चलते उसने मां शांति देवी को भी साथ रख लिया था। उसके छह भाई गांव में रह रहे थे। वहीं, हजरतपुर थानाक्षेत्र के गांव चितरी निवासी जयंती की मौसी शीला ने भी पड़ोस में मकान बनवाया था। शीला की ढाई महीने पहले मौत हो चुकी थी। इसके बाद से उनका बेटा विपिन मकान में रह रहा था। 14 अगस्त की रात जयंती और उसकी मां शांति घर में सो रही थी। इसी बीच रुपये के लालच में विपिन ने अपने दो भाई अवनीश और विमल के साथ मिलकर मौसी शांती देवी और बहन जयंती की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई।
पुलिस ने विपिन को मौके से ही हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ की तो मामला खुल गया। उसने अपने भाई अवनीश व विमल के साथ मिलकर रुपये के लालच में हत्या करने का जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने तीनों को जेल भेज दिया। हत्या के मामले में जयंती के जेठ समेत छह लोग नामजद थे। पुलिस की विवेचना में रोटा के रहने वाले लोग निर्दोष पाए गए। दातागंज कोतवाल गौरव विश्नोई ने बताया कि पुलिस ने घटना से संबंधित साक्ष्य संकलन करते हुए विपिन, अवनीश और विमल के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर कोर्ट में दाखिल किया है। अब मामला कोर्ट में चलेगा।