बदायूं। गांधी ग्राउंड में आयोजित रामलीला मंचन में भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। मंचन देखने के लिए मैदान खचाखच भरा रहा। देर शाम होते ही रावण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया गया। आतिशबाजी से आसमान सतरंगी रोशनी से जगमगा उठा और दर्शक उत्साह से जयकारे लगाने लगे।
विजयदशमी के अवसर पर सुबह से ही मेले में भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। शाम ढलते ही जैसे ही राम-रावण युद्ध का मंचन हुआ। पूरा मैदान जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। दर्शकों ने बीच-बीच में तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। सबसे पहले मेघनाथ के पुतले का दहन हुआ, इसके बाद आसमान को रोशन करती आतिशबाजी के बीच रावण का पुतला फूंका गया। आतिशबाजी इतनी भव्य रही कि चारों ओर सतरंगी रंग फैल गए और लोग देर तक मोबाइल में नजारा कैद करते नजर आए। रावण दहन देखने उमड़ी भीड़ से मैदान की रौनक देखते ही बन रही थी। दुकानदारों के चेहरे भी मेले में बढ़ी भीड़ और बिक्री से खिले नजर आए। इस मौके पर डीएम अवनीश राय, एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एडीएम एफआर डॉ. वैभव, एडीएम प्रशासन अरुण कुमार, एसडीएम सदर मोहित कुमार आदि मौजूद रहे।
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मेले में रौनक, बच्चों ने किया खूब आनंद
-विजयदशमी के मौके पर गांधी ग्राउंड में सजा मेला पूरे शहर के आकर्षण का केंद्र बना रहा। सुबह से ही लोग परिवार सहित मेले में पहुंचने लगे थे और रात तक बाजार गुलजार रहा। झूलों पर बच्चों की लंबी कतारें लगी रहीं। मौत का कुआं, ड्रैगन ट्रेन और झूले बच्चों और युवाओं की पहली पसंद बने। वहीं खिलौनों और खाने-पीने की दुकानों पर भीड़ उमड़ पड़ी। बच्चों के चेहरे पर खुशी और उल्लास झलक रहा था। आतिशबाजी और पुतला दहन देखने के बाद उनका उत्साह दोगुना हो गया। चारों ओर रोशनी, शोर और हंसी-खुशी का माहौल रहा। दुकानदार भी जमकर बिक्री कर खुश नजर आए।
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कलाकारों की मेहनत को मिला सम्मान
-रामलीला मंचन में स्थानीय और बाहर से आए कलाकारों ने अपने शानदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया। भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और रावण की भूमिकाएं निभाने वाले कलाकारों ने भाव-भंगिमा और संवाद अदायगी से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लंका दहन और राम-रावण युद्ध के मंचन के दौरान दर्शक तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाते रहे। खास बात यह रही कि मंचन में आधुनिक लाइट और साउंड सिस्टम का भी उपयोग किया गया, जिससे दृश्य और भी जीवंत प्रतीत हुए। अंत में रावण वध के दृश्य पर पूरा मैदान जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। कलाकारों की मेहनत और समर्पण को दर्शकों ने खड़े होकर सराहा।
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सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी
-रामलीला मैदान में उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह चौकस रहा। कार्यक्रम स्थल पर पुलिस और पीएसी बल की तैनाती की गई थी। पार्किंग स्थल से लेकर रामलीला ग्राउंड के मुख्य द्वार तक सुरक्षा कर्मियों की सघन चौकसी रही। महिला पुलिसकर्मी भी अलग-अलग स्थानों पर तैनात थीं, जिससे परिवारों को सुरक्षित माहौल मिला। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए मैदान के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई थी। आतिशबाजी और पुतला दहन के दौरान सुरक्षा घेरा और मजबूत कर दिया गया।
बारिश में भीगे पुतले
-सुबह हुई हल्की बारिश और बादल छाने से रावण व मेधनाथ का पुतला शाम सूख नहीं पाया। जिसकी वजह से वह पूरी तरह से जल नहीं पाया था। वहीं डीएम के निर्देश पर इस बार अतिशबाजी मेें परिर्वतन किया गया। ऐसे में दूर से रिमोट के जरिए पटाखों को चलाया गया।
गांधी ग्राउंड में रावण के पुतले का दहन किया गया। । स्रोत कमेटी