बदायूं। दो गोशालाओं में 14 गोवंशों की मौत होने के बाद जिलेभर की 232 छोटी-बड़ी गोशालाओं में गोवंशों की सुरक्षा और देखभाल को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अब सभी गोशालाओं को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जाएगा। इससे गोवंशों को दिए जा रहे चारा-पानी, साफ-सफाई और रखरखाव की स्थिति पर भी नजर रखी जा सकेगी।
जिले में वर्तमान में 232 गोशालाएं संचालित हैं। इनमें 29 गोशालाओं का संचालन एनजीओ करते हैं। गोवंशों की निगरानी के लिए प्रत्येक गोशाला में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही विकास भवन में एक सेंट्रल कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। कंट्रोल रूम से पशुपालन विभाग के अधिकारी सभी गोशालाओं की 24 घंटे निगरानी करेंगे।
कैमरों के माध्यम से गोवंशों को दिए जा रहे चारा-पानी, साफ-सफाई और रखरखाव की स्थिति पर भी नजर रखी जा सकेगी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) प्रेम सिंह ने बताया कि गोशालाओं में सीसीटीवी लगाने का कार्य शीघ्र पूरा किया जाएगा। गोवंशों की मौत की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए जिम्मेदार कर्मियों की जवाबदेही तय की जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। सीसीटीवी और कंट्रोल रूम से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि गोशालाओं में व्यवस्थाओं में भी सुधार होगा।
सीवीओ ओर बीडीओ संयुक्त रूप से करेंगे गोशाला का निरीक्षण
गोशालाओं की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए प्रशासन ने सख्ती की है। जिलाधिकारी के निर्देश के अनुसार, जिले की गोशालाओं का जिला स्तरीय अधिकारी भी निरीक्षण कर रिपोर्ट पशुपालन विभाग को देंगे। उसके बाद गोशाला की कमियों को दुरुस्त किया जाएगा। दो गोशालाओं में गोवंशों की मौत के बाद अब सीवीओ और खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) संयुक्त रूप से गोशालाओं का निरीक्षण करेंगे।
सीवीओ प्रेम सिंह ने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) गामिनी सिंगला ने सभी बीडीओ और सीवीओ को निर्देश दिए हैं कि सप्ताह में एक दिन अपने-अपने क्षेत्र की गोशालाओं का संयुक्त भ्रमण कर व्यवस्थाएं देखें। गोवंशों को दिए जा रहे चारा, पानी, दवा, साफ-सफाई और परिसर की स्थिति जांची जाएगी।