बदायूं। पंजाब नेशनल बैंक की सहसवान शाखा में रात भर चली कार्रवाई के बाद बृहस्पतिवार तड़के सीबीआई की एंटी करप्शन टीम मैनेजर और दफ्तरी को लखनऊ ले गई। वहीं, रीजनल बैंक मैनेजर ने लीड बैंक मैनेजर को बरेली तलब किया है।
कांकस निवासी राजकुमार ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत पांच लाख रुपये ऋण लेने के लिए आवेदन किया था। खादी ग्रामोद्योग विभाग से पत्रावली पंजाब नेशनल बैंक की सहसवान शाखा में पहुंची थी। वहां आवेदक से बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र के गांव मेहतपुर निवासी बैंक मैनेजर (लोन ऑफिसर) राजीव कुमार गंगवार ने दफ्तरी दयाराम के माध्यम से 40 हजार रुपये घूस मांगे थे। इसके बाद राजकुमार ने सीबीआई को सूचना दी। बुधवार दोपहर सीबीआई की एंटी करप्शन के एसपी डॉ. वीके सिंह व उनकी टीम ने घूस लेते हुए बैंक मैनेजर व दफ्तरी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। रात भर चली कार्रवाई के बाद बुधवार तड़के आरोपियों को लेकर सुबह सीबीआई टीम लखनऊ के लिए रवाना हो गए। वहीं, जिले के लीड बैंक मैनेजर राजेश कुमार रंजन को बरेली रीजनल दफ्तर बुलाया गया है।
जनपद छोड़कर भाग गए कई अधिकारी
लोन के नाम पर रिश्वत लेने के मामले में बैंक मैनेजर और दफ्तरी की गिरफ्तारी सभी बैंकों में चर्चा बनी रही। लोन के नाम पर रिश्वत लेने वाले या फिर रिश्वत के लिए मजबूर करने वाले अधिकारी व कई कर्मचारियों ने जिला छोड़ दिया। वह दूसरे जिलों में जाकर व्हाट्सएप कॉल के जरिए कार्रवाई की अपडेट लेते रहें।
अरुण कुमार को दिया गया बैंक मैनेजर का चार्ज
बैंक मैनेजर राजीव गंगवार की गिरफ्तारी के बाद इसी बैंक के द्वितीय मैनेजर अरुण कुमार को चार्ज दे दिया गया है। बृहस्पतिवार को उन्होंने सारे काम किए। हालांकि लोन की कोई फाइल स्वीकृत नहीं हो सकी।
मोहल्ले पहुंची गाड़ी तो मच गया हड़कंप बैंक
बैंक मैनेजर सहसवान में ही किराए पर रहते हैं। देर रात सीबीआई की टीम उनके किराए के घर पर पहुंची तो मोहल्ले वालों में अफरा-तफरी मची रही। आसपास लोग इकट्ठा हो गए। करीब एक घंटे तक घर खंगालने के बाद टीम बैंक मैनेजर को लेकर बैंक गई।
खास था दफ्तरी, शाम को घर पर होती थी सेवा
बैंक का दफ्तरी दयाराम मैनेजर का करीबी है। हर दिन शाम को वह बैंक मैनेजर के घर जाता था। इस दौरान यह चर्चा होती थी कि किस लोन की फाइल में कितना रुपये लिया जाना है।
कई दलाल भी थे सक्रिय
लोन दिलाने के लिए कई दलाल बैंक में सक्रिय थे। दफ्तरी के माध्यम से लोन की सारी फाइलें मैनेजर तक पहुंचती थी।
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राजीव गंगवार की जगह अब मैनेजर का काम अरुण कुमार देख रहे हैं। सीबीआई ने कार्रवाई की जानकारी कार्यालय को नहीं दी थी। सीबीआई की रिपोर्ट आती है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। - राकेश कुमार रंजन, लीड मैनेजर
राजीव गंगवार। स्रोत सोशल मीडिया