बदायूं। जिले में इन दिनों प्रशासनिक और राजनीतिक तालमेल की कमी ने हालात बिगाड़ दिए हैं। अफसरों और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय के अभाव का सीधा असर जनता पर पड़ रहा है। छोटे-छोटे कामों के लिए लोग डीएम और एसएसपी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। अब ये शिकायतें सीएम योगी तक भी पहुंचा दी गईं हैं। बीते दस दिन में यहां के तीन विधायक व भाजपा जिलाध्यक्ष सीएम से मिलकर अपनी बात रख चुके हैं।
जिले के विभिन्न थानों में फरियादियों की शिकायतों पर सही से सुनवाई न होने से लोग परेशान हैं। कई मामलों में पुलिसकर्मी कार्रवाई से बचते नजर आ रहे हैं। जनसुनवाई पोर्टल पर की गई शिकायतें लंबित हैं और कई बार पीड़ितों को खुद जिला मुख्यालय तक जाना पड़ रहा है। (संवाद)
मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाओं का अंबार
बदायूं मेडिकल कॉलेज की हालत भी नाराजगी का विषय बनी हुई है। यहां मरीजों को न तो समुचित इलाज मिल रहा है और न संसाधनाें की सही उपलब्धता है। कई बार स्टाफ की कमी और उपकरणों की खराब स्थिति के चलते मरीजों को अन्य जिलों में रेफर करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अस्पताल में अव्यवस्था और जिम्मेदारों की लापरवाही आम बात बन गई है।
सीएम तक पहुंची जिले की हकीकत
बीते एक सप्ताह में सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता, दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह, बिल्सी विधायक हरीश शाक्य, पूर्व विधायक कुशाग्र सागर व भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता लखनऊ जाकर सीएम योगी से मिल चुके है। इन नेताओं ने सीएम से मुलाकात कर बदायूं की हकीकत रखी। बताया गया कि जिले में अफसरों के कामकाज की क्या स्थिति है। सूत्रों के अनुसार, जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को जिले में बढ़ती गोकशी, बीजेपी नेताओं की पिटाई, खुलेआम अवैध शराब बिक्री और सट्टेबाजी के मामलों की जानकारी भी दी। बताया गया कि रातभर खुलेआम शराब की बिक्री और जुएं, सट्टेबाजी के अड्डे बिना रोक-टोक चल रहे हैं, जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है।
सीएम के रडार पर लापरवाह अफसर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरी स्थिति को गंभीरता से लिया है। शासन स्तर पर जिले के कई अफसरों की कार्यशैली की समीक्षा शुरू कर दी गई है।