बदायूं। उझानी कोतवाली क्षेत्र के गांव पलिया पुख्ता में 180 ग्रामीणों के फर्जी तरीके से बैंक खाते खोलने वाले आरोपी कैफे संचालक को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल बरामद किया हैं। पूछताछ में उसने गांव के दो युवकों के नाम बताए हैं। उनके ही इशारे पर वह खाते खोल रहा था। इसके एवज में वह कैफे संचालक को 1500 रुपये प्रति खाता दे रहे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों की कर रही है।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी विनोद कुमार वर्धन ने बताया उझानी क्षेत्र के गांव पलिया पुख्ता में ग्रामीणों ने मार्च में एसएसपी से शिकायत की थी। बताया था कि उनके गांव के ही कैफे संचालक रामगोपाल ने फर्जी तरीके 180 ग्रामीणों के बैंक खाते खोल दिए है। इन खातों में लाखों रुपये का लेनदेन हो रहा हैं। उस समय गांव के तीन लोगों के पास दिल्ली व झारखंड पुलिस का नोटिस भी आया था। एसएसपी ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। साइबर क्राइम थाने में रामगोपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
बुधवार को पुलिस ने बरेली रोड पर जैन ढाबा के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में रामगोपाल ने बताया कि दिसंबर 2024 में वह गांव के ही अंकित तोमर व सौरभ तोमर के संपर्क में आया था। दोनों युवकों ने उसे बताया कि वह किसी एक ग्रामीण का फर्जी तरीके से बैंक खोलकर देगा तो उसे 1500 रुपये मिलेंगे।
उसने सबसे पहले गांव के रोहित के नाम से बैंक में मर्चेंट खाता खोला। इसके बाद उसने अंकित व सौरभ के साथ मिलकर गांव के लोगों के बैंक खाते खोले। इसके लिए उसने लोगों से गैस सिलेंडर, सब्सिडी दिलवाने, पीएम खाद योजना के नाम पर आधार कार्ड की छायाप्रति ली। पुलिस का दावा है कि इस आधार पर उसने करीब 30 बैंकों में खाते खोले। इन खातों में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा समेत अन्य राज्यों के लोगों से हुई ठगी का रुपये ट्रांसफर किए गए। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया हैं। वहीं अंकित व सौरभ की तलाश की जा रही है।