अदालत के आदेश से ईंट भट्ठा उद्योग बंद होने के कगार पर है। प्रदूषण को लेकर प्रावधान में परिवर्तन लाने की जरूरत है। नियम-कानून में परिवर्तन कर ईंट उद्योग को बचाया जा सकता है। इस संबंध में ईंट भट्ठा मालिकों ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
दीपक कुमार बनाम हरियाणा राज्य और अन्य मामलों का उदाहरण दिया है। कहा कि किसी भी क्षेत्रफल के लिए माइनर मिनरल खनन के लिए भी पर्यावरणीय क्लीयरेंस जरूरी कर दिया गया है। राज्य सरकार की संशोधन नीति पर उदारनीति पर भी तथाकथित कंसलटेंट समूहों ने उच्च न्यायालयों के प्रकरणों को लेकर याचिकाएं दायर कर इस उद्योग को बंद कराने के प्रयास किए हैं। भट्ठा स्वामी रोजगारपरक उद्योग संचालित कर रहे हैं। खेती न कर पाने पर मिट्टी का हर्जाना देकर मिट्टी प्राप्त करते हैं। कंकरीट आधारित निर्माण में ईंट उद्योग का अलग महत्व है। उन्होंने मांग की नियमों में संशोधन कराके इस उद्योग को बंद होने से रोका जाए।
ज्ञापन पर संघ के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह और महामंत्री अंबेश अनुग्रह सिंह ने हस्ताक्षर किए हैं।