बदायूं। अधिकांश रोडवेज बसें महाकुंभ में चली गईं हैं, ऐसे में जिले के लोग डग्गमार वाहन से ही जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।
जिला मुख्यालय से लोकल रूट बिसौली, वजीरगंज, कुंवरगांव, दातागंज, उसावां, उसहैत, ककराला, अलापुर कादरचौक आदि स्थानों के लिए रोडवेज की बसें नहीं मिल पा रहीं हैं। ऐसे में यात्रियों को डग्गामार वाहनों से ही सफर करना पड़ रहा है।
परिवहन की 138 बसें निगम की हैं, जबकि 45 बसें अनुबंधित की संचालित हो रहीं हैं। 115 रोडवेज की बसों को महाकुंभ भेजा जा चुका है। इसी के चलते डग्गामार वाहन अब पूरी तरह से मनमानी कर रहे हैं।
निगम की 23 बसें लोकल रूट पर संचालित हो रहीं हैं। अधिकांश बसें खटारा हैं, जो यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने में भी असमर्थ हैं। साथ ही 45 अनुबंधित बसें शाम को पांच बजे के बाद खड़ी हो जाती हैं। ऐसे में यात्रियों को दिन भर बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं शाम को रोडवेज स्टैंड से लेकर देहात तक लोग वाहनों का इंतजार कर रहे हैं।
बसों के लौटने तक कुछ अव्यवस्थाएं रहेंगी। कोशिश यही है कि किसी यात्री को दिक्कत न हो। अगर रात के समय भी कोई शिकायत मिलती है कि किसी रूट पर जाने को 20 से अधिक सवारियां हैं तो वह कार्यालय में आकर शिकायत कर सकते हैं। उनको बस लगवाकर भेजा जाएगा। - अजय कुमार, एआरएम
आंबेडकर पार्क के पास सवारियां भरते ऑटो चालक। संवाद
आंबेडकर पार्क के पास सवारियां भरते ऑटो चालक। संवाद
आंबेडकर पार्क के पास सवारियां भरते ऑटो चालक। संवाद