बदायूं। दस साल पहले अवैध डोडा रखने के चार आरोपियों को विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट सौरभ सक्सेना ने दोषी करार देते हुए दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के विशेष लोक अभियोजक अतुल सिंह के अनुसार 22 मार्च 2015 को थाना अलापुर में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। बताया था कि एसआई राजीव कुमार 21 मार्च को एक मुकदमे के संबंध में आरोपी की तलाश में लगे हुए थे।
उसी दौरान सूचना मिली कि चोरों के गैंग के पास अवैध डोडा है, इसमें से कुछ माल वह सप्लाई भी कर चुके हैं।
जब हदीरा को जाने वाले रास्ते पर आए तो देखा कि छह व्यक्ति बैठे हुए थे। पकड़े गए आरोपियों ने अपना नाम रविन्द्र, श्याम उर्फ सियानंद, रतिराम निवासी सिरसा थाना भमौरा, ब्रजपाल उर्फ सुआपाल निवासी चंपतपुर थाना भमौरा, सरताज निवासी चंपतपुर थाना भमौरा व जीतू निवासी कादरचौक के गणेशनगर बताया। पुलिस ने केस पंजीकृत कर विवेचना शुरू कर सभी साक्ष्यों को संकलन करके आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किए।
तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन था। जिसमें से आरोपी रविन्द्र और श्याम के न्यायालय न आने की वजह से पत्रावली अलग कर दी गई। मंगलवार को न्यायाधीश ने रति राम, सरताज, जीतू तथा ब्रजपाल उर्फ सुआपाल को दस साल की सजा सुनाई है।