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Budaun News: जानलेवा हो रहे सांड़, चार माह में 15 की ले ली जान

Wed, 25 Dec 2024 10:26 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
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बदायूं। जिले में सांड़ अब जानलेवा हो गए हैं। आए दिन किसी न किसी की मौत इनके हमले में हो रही है। इसके बाद भी जिम्मेदार खामोश बैठे हैं। हाल यह है कि दिसंबर में अब तक चार किसानों की मौत सांड़ के हमलों से हो चुकी है। जबकि, पिछले चार माह में 15 किसानों की सांड़ के हमलों से जान जा चुकी है।
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खेतों में इस समय गेहूं, आलू, सरसों, सब्जी की फसल हो रही है। वहीं, जिले में करीब चार हजार छुट्टा पशु घूम रहे हैं। इन छुट्टा पशुओं से फसलों को बचाने के लिए दिन रात किसान फसलों की रखवाली कर रहे हैं। यह रखवाली ही किसानों के लिए मुसीबत साबित हो रही है। जैसे ही सांड़ फसल को चरने के लिए खेत में पहुंचते हैं, किसान उसे भगाने का प्रयास करता है। इसपर सांड़ किसान पर हमला कर देता है। 19 दिसंबर को कादरचौक क्षेत्र के गांव असरासी निवासी सेवाराम उर्फ शिब्बू फसल की रखवाली कर रहे थे। तभी सांड़ ने हमला करके उनकी जान ले ली। वहीं, दातागंज के गांव रोहरी निवासी रामनिवास को सांड़ ने हमला कर मार डाला।
नौ दिसंबर को बिल्सी के मोहल्ला संख्या एक खैरी रोड निवासी पीतांबर पाल और 22 दिसंबर को मूसाझाग निवासी गांव मर्रई निवासी रामदीन को भी सांड़ ने हमला करके मौत के घाट उतार दिया था।
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इनसेट-
चार माह में 12 किसानों के परिजनों ने किया मुआवजे के लिए आवेदन
सांड़ के हमले से मौत होने पर सरकार की तरफ से चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है। इसके लिए मृतक के परिजन को सबसे पहले आपदा कार्यालय या फिर संबंधित तहसील में आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद हल्का लेखपाल पूरे मामले की जांच रिपोर्ट देंगे। इसके बाद अधिकारी उसकी रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। शासन से मृतक के परिजनों के खाते में मुआवजा आएगा। साथ ही मुआवजा लेने के लिए पोस्टमॉर्टम कराना अनिवार्य है। बीते चार माह में 12 आवेदन आए हैं। जबकि, तीन किसानों की इसी सप्ताह मौत हुई है।



टीम गठित, फिर भी सड़कों पर हमलावर
जिले की सड़कों पर अधिकांश सांड़ ही बचे हैं। सात से 23 दिसंबर तक मात्र 201 सांड़ पकड़े जा सके हैं। जबकि, जिले में पिछले एक साल के अंदर 1823 सांड़ पकड़े गए। इनमें 201 सांड़ भी शामिल हैं। इन्हें जिले की 303 गोशाला में रखा गया है। वहीं, छुट्टा सांड़ों को पकड़ने के लिए जिले के प्रत्येक ब्लाॅक में बीडीओ, पशु चिकित्साधिकारी, सचिव, सफाईकर्मी, प्रधान और पशुधन प्रसार अधिकारी को नामित करके टीम गठित कर रखी है।


कोहरे के समय अधिक हादसे होने का डर
अब कोहरा आने की उम्मीद है। ऐसे में छुट्टा पशुओं से हादसे होने का डर सबसे अधिक है। यह छुट्टा पशु सड़क पर भी चहलकदमी करते रहते हैं। वहीं, फसलों की रखवाली करने वाले किसानों पर भी यह सर्दी के मौसम में अधिक हमले करते हैं। ऐसे में किसानों को अधिक सचेत रहने की जरूरत है।


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सांड़ों को लगातार पकड़ा जा रहा है। किसान भी फसलों कर रखवाली करते समय सतर्कता बरतें। जल्द ही सभी सांड़ों को पकड़कर गोशाला में भिजवाया जाएगा। समदर्शी सरोज, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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जिले में गोशाला- 312
सांड रखे गए- 1823
गोवंश- 30,687
अर्द्धनिर्मित निर्मित गोशाला- 2
सुपुर्दगी में दिए गोवंश- 7186

शामली कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते बसपा कार्यकर्ता  । संवाद

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