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सिरदर्द बन गई बीएसएनएल की फाइबर सेवा, रोजाना ठप होता है नेटवर्क

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बदायूं। हाल ही में शुरू हुई बीएसएनएल की फाइबर सेवा उपभोक्ताओं के जी का जंजाल बन गई है, जो न निगलते बन रही है और न ही उगलते। रोजाना कनेक्टिविटी आना-जाना आम बात हो गई है। कभी-कभी तो एक-दो घंटों के लिए भी नेटवर्क बाधित हो जाता है, जिससे उपभोक्ताओं को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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बीएसएनएल की लचर सर्विस का ही परिणाम है जो आज निजी दूरसंचार कंपनियां बाजार में पैठ बना चुकी हैं। आए दिन ठप होने वाली सेवा के कारण ही लोग निजी कंपनियों की तरफ आकर्षित हुए थे, अब ब्रॉडबैंड की तरह बीएसएनएल की फाइबर सेवा भी लोगों के लिए जी का जंजाल बनती जा रही है। जिन लोगों ने बीएसएनएल फाइबर के कनेक्शन ये सोचकर लिए थे कि उन्हें तेज स्पीड इंटरनेट मिलेगा, वे अब पछता रहे हैं।
स्पीड मिलना तो दूर, आए दिन इसकी कनेक्टिविटी फेल हो रही है। कभी-कभी तो कई-कई घंटे तक नेटवर्क ठप रहता है। लावेला चौक के आसपास वाले इलाकों में तो स्थिति बद से बदतर है। रोजाना कई घंटे या फिर बीच बीच में हर पांच-दस मिनट बाद नेट ठप होना यहां आम बात है। बीएसएनल के अधिकारी रोज कोई न कोई बहाना बनाकर इसे टाल रहे हैं, जिससे लोग परेशान हो रहे हैं।
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पहले बिल में लगकर आ रहे एक हजार रुपये ज्यादा
केवल कनेक्टिविटी ही नहीं, जिन लोगों ने बीएसएनएल फाइबर का कनेक्शन लिया है, वह इसके बिल से भी परेशान हैं। दरअसल कनेक्शन देते समय चार हजार मॉडम चार्ज के लिए जा रहे हैं जबकि प्लान के अनुसार एक महीने की एडवांस धनराशि सिक्योरिटी के रूप में ली जा रही है। कनेक्शन लगाने आने वाले कर्मचारी इसके अलावा किसी भी छिपे चार्ज के न होने की बात कह रहे हैं, लेकिन जब पहला बिल आ रहा है तो उसमें एक हजार रुपये अतिरिक्त लगकर आ रहे हैं। पहल बिल पाने के बाद एक हजार रुपये अतिरिक्त देखकर उपभोक्ता भी परेशान हैं। अधिकारी कह रहे हैं कि इसमें पांच सौ रुपये फाइबर इंस्टालेशन और पांच सौ रुपये व्वॉइस इंस्टालेशन का चार्ज शामिल है, लेकिन इसके बारे में कनेक्शन लेने से पहले उपभोक्ताओं को नहीं बताया जा रहा।
लैंडलाइन भी शुरू होने में आ रही दिक्कत
- तमाम उपभोक्ता ऐसे हैं जो लैंडलाइन और इंटरनेट दोनों के लिए बीएसएनएल फाइबर का कनेक्शन ले रहे हैं, लेकिन कंपनी द्वारा लैंडलाइन सेवा भी कई कई दिनों बाद शुरू की जा रही है, जिससे उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। बीएसएनएल में काम करने वाले कर्मचारी भी लगातार इसमें टालमटोल करते रहते हैं। काफी दिनों बाद उनकी व्वॉइस एक्टिवेट की जाती है, जबकि चार्ज पूरा काट लिया जाता है।
इंदिरा चौक के नजदीक लगे पॉवर बैंक के यूपीएस में कुछ गड़बड़ी थी, जिससे कनेक्टिविटी में कुछ परेशानी आ रही थी, लेकिन अब उसे सही कर दिया गया है। कनेक्टिविटी को लेकर कोई परेशानी नहीं है।
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आरएस यादव, डीई, बीएसएनएल
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