बदायूं। क्षय रोगियों को स्वस्थ बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने एक बार फिर कदम उठाया है। पिछले दिनों जिलेभर में कराये गए सर्वे के दौरान 82 मरीज निकले थे। उनमें से 14 साल तक के 28 क्षय रोगी बच्चों को रोटरी पब्लिक ने गोद ले लिया है, जबकि अन्य बच्चों या मरीजों को गोद देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एसीएमओ गोविंद स्वर्णकार के मुताबिक पिछले दिनों कादरचौक, म्याऊं, उसावां, वजीरगंज, बिल्सी और सहसवान समेत कई ब्लॉकों में क्षय रोगियों का सर्वे कराया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य क्षय रोगियों को पूरी तरह से स्वस्थ बनाना था। ये तभी संभव था, जब जिले भर में छिपे मरीज निकलकर सामने आएं। इसके लिए ब्लॉक क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वे कराया गया, जो संदिग्ध मरीज मिले, उनका सैंपल लेकर जांच कराई गई। इस अभियान में जिलेभर में करीब 82 क्षयरोगी सामने आए। इसमें करीब 35 बच्चे क्षयरोगी निकले हैं।
इन बच्चों को स्वस्थ करने के लिए सामाजिक संस्थाओं ने बीड़ा उठाया है। उनमें सबसे आगे रोटरी पब्लिक का नाम आया है। रोटरी पब्लिक ने 28 क्षय रोगी बच्चों को गोद ले लिया है। जबकि अन्य क्षय रोगियों समेत बच्चों को गोद देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्हें भी दो-एक दिन गोद दे दिया जाएगा।
साल के अंत में दोबारा होगा सर्वे
- क्षय रोग विभाग एक बार फिर क्षय रोगियों का सर्वे कराएगा। वर्ष 2021 के अंत में ये सर्वे होगा। उस समय भी टीम लगाकर जिले में घर-घर जाकर संदिग्ध मरीजों की जांच कराई जाएगी। उस जांच में क्षय रोगी निकले तो उनका उपचार कराया जाएगा।
गोद लेने वाली सामाजिक संस्थाएं रखेंगी मरीजों का ख्याल
- जिले में जिन क्षय रोगियों को सामाजिक संस्थाएं गोद लेंगी। उनका ख्याल वही सामाजिक संस्थाएं रखेंगी। उनको समय पर दवा उपलब्ध कराएंगी। हर सप्ताह उनके घर जाकर उनके बारे में जानकारी लेंगी। वह क्या खा रहे हैं या परहेज कर रहे हैं या नहीं। उन्हें अपनी ओर से भी सुविधाएं देंगे। उनके अलावा सरकारी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
कुछ दिन पहले ही जिले में सर्वे कराया गया था। उसमें करीब 82 मरीजों के नाम सामने आएं हैं। इनमें से 28 बच्चे जो 14 साल तक की उम्र हैं, उन्हें रोटरी पब्लिक ने गोद ले लिया है। उनके अलावा अन्य मरीजों को भी गोद देने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही उन्हें भी गोद दे दिया जाएगा।
डॉ. गोविंद स्वर्णकार, एसीएमओ व क्षय रोग अधिकारी