कछला गंगाघाट पर जेठ पूर्णिमा पर हजारों की संख्या में जुटे श्रद्धालुओं ने स्नान करके साधु-संतों को दान-दक्षिणा दी। पूजा-अर्चना भी की गई। इस दौरान गंगाघाट हर-हर गंगे के जयकारों से गूंजता रहा।
जेठ पूर्णिमा पर गंगा स्नान को पहुंचे श्रद्धालुओं में गजब की आस्था नजर आई। तड़के से जुटे महिला और पुरुषों ने डुबकी लगानी शुरू कर दी। स्नानार्थियों का रेला दोपहर बाद तक चला। हर-हर गंगे की गूंज के साथ श्रद्धालुओं ने स्नान करके सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित किया। गंगा स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य देने का विशेष महत्व बताया गया है। महिलाओं ने घाट पर ही संकीर्तन किया।
बच्चों के मुंडन संस्कार भी कराए गए। साधु-संतों को भोजन कराके उन्हें दक्षिणा भी दी गई। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार भी नगर पंचायत प्रशासन ने घाट पर पहले की तरह की इंतजाम कराए थे। उधर, घाट के पास और सहसवान रोड पर लगे मेला में खासी भीड़ रही। मेला में बच्चों ने खेलकूद और मनोरंजन के सामान की खरीदारी की। सहसवान रोड पर मेला दशहरा वाले दिन शुरू हुआ था। देर शाम मेला का समापन भी हो गया।
गोताखोरों ने बचाए पीलीभीत के दो युवक
उझानी। जेठ पूर्णिमा पर पुलिस और नगर पंचायत प्रशासन ने खासकर पुल के पिलर के पास गंगा स्नान प्रतिबंधित रखा था, लेकिन पीलीभीत निवासी अजय (25) और उसका दोस्त नो एंट्री जोन में पहुंच गए। उन्हें डुबकी लगाते वक्त हिचकोले आने लगे, तो एक स्नानार्थी की नजर पड़ गई। शोर मचने पर पहुंचे प्राइवेट गोताखोरों ने दोनों को सकुशल बाहर निकाल लिया।
इस बार भी खरे उतरे इंतजाम
उझानी। सोमवती अमावस्या वाले दिन हुए हादसे के बाद से प्रशासन चौकन्ना है। खासकर श्रद्धालुओं को लेकर फूंक-फूंक कर कदम उठा रही पुलिस और नगर पंचायत प्रशासन ने दशहरा के बाद अब जेठ पूर्णिमा पर भी अच्छे इंतजाम करके अग्नि परीक्षा में खरे उतरने का काम किया। सीओ सतीशचंद्र शर्मा ने घाट पर निगरानी की। कछला चौकी इंचार्ज मानपाल सिंह और नगर पंचायत अध्यक्ष पुष्पादेवी लौनिया चौहान ने इसके लिए फोर्स और सहयोगी राजस्व कर्मियों का आभार जताया।