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Budaun News: साले ने की थी भाजपा मंडल उपाध्यक्ष की हत्या

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सुरेश चंद्र गुप्ता।फाइल फोटो
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बदायूं। 29 जुलाई की रात बिनावर थानाक्षेत्र के गांव विजयनगला में भाजपा मंडल उपाध्यक्ष की हत्या का सोमवार को एसएसपी डॉ. ब्रजेश सिंह ने खुलासा कर दिया है। उन्होंने बताया कि उनके साले नही ही हत्या की है। हत्या वजह 1.20 लाख रुपये की दलाली थी। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है।
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एसएसपी ने बताया कि बिनावर थाना क्षेत्र के गांव विजयनगला निवासी सुरेश चंद्र गुप्ता (58) भाजपा मंडल उपाध्यक्ष थे। इससे पहले वह भाकियू के जिला महासचिव थे। उनका छोटा बेटा राहुल गांव के ओवरहेड टैंक में चौकीदार है। वह 29 जुलाई की शाम पत्नी ममता को दवा दिलाने दिल्ली गया था। इस वजह से रात 11 बजे सुरेश चंद्र ओवरहेड टैंक परिसर में सोने की बात कहकर निकले थे। अगले दिन सुबह उनका शव खून से लतपथ मिला। पत्नी शशिबाला ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने जमीन के बंटवारे को अहम कड़ी मानकर तफ्तीश शुरू की तो सुरेश के साले धर्मेंद्र गुप्ता को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली। सोमवार को पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है।


साले ने भतीजे का दिया था साथ, खफा थे भाजपा नेता
भाजपा नेता सुरेश चंद्र गुप्ता मूल रूप से बिनावर के गांव सिकरोड़ी के थे। उनके बड़े भाई राजेंद्र के बेटे अजय ने अपने बाबा विष्णु गुप्ता को बहला फुसलाकर का जुलाई में ही करीब एक बीघा आरा मशीन वाले प्लॉट का बैनामा अपने नाम करा लिया था। इसमें अजय का साथ चोरी छिपे धर्मेंद्र ने दिया था। इस वजह से सुरेश साले से खफा थे। पुलिस की पूछताछ में धर्मेंद्र ने बताया कि उसने अजय से इस काम के लिए अपनी दलाली के 1.20 लाख रुपये तय किए थे। जब धोखे से कराए गए बैनामे के बारे में सुरेश को जानकारी हुई तो उन्होंने अपने सभी भाइयों के साथ मिलकर बैनामा के दाखिला खारिज के विरुद्ध न्यायालय में मुकदमा दायर करा दिया। मुकदमे की जानकारी होने पर अजय ने धर्मेंद्र को रुपये देने से मना कर दिया था। रुपये नहीं मिलता देख धर्मेंद्र ने अपने बहनोई को सबक सिखाने की मन में ठान ली थी।
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बहनोई पर किए डंडे से कई वार
सुरेश गुप्ता रात करीब 11 बजे घर से ओवरहेड टैंक पर जाने के लिए निकले थे और अपने छोटे भाई की चाय की दुकान पर जाकर बैठ गए। वह वहां करीब 20 मिनट बैठने के बाद ओवरहेड टैंक पर जाने लगे तो धर्मेंद्र रास्ते में मिल गया। दोनों बातचीत करते हुए जा रहे थे। इसी बीच सुरेश ने उससे कहा कि तुमने अजय का साथ देकर अच्छा नहीं किया। इसी बात पर दोनों के बीच का कहासुनी शुरू होने के बाद गाली गलौज हो गई। इसी बीच गुस्से में सुरेश ने डंडे से धर्मेंद्र के पेट में मारा। इससे धर्मेंद्र भड़क गया और उसने डंडा उठाकर सुरेश पर ताबड़तोड़ कई प्रहार कर दिए। इससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद वह घर चला गया, लेकिन रातभर सो नहीं सका। वह तड़के करीब चार बजे फिर से ओवरहेड टैंक के पास गया। जहां उसे सुरेश मृत हालत में दिखाई दिए। इसके बाद वह घर आ गया और परिजनों को जानकारी होने का इंतजार करता रहा।


मादक पदार्थ तस्करी व दुष्कर्म में जा चुका जेल
धर्मेंद्र गुप्ता मूल रूप से शाहजहांपुर जिले के तिलहर कटरा का रहने वाला है। वह 25 साल वह परिवार के साथ विजयनगला गांव में आकर बस गया। पुलिस ने बताया कि धर्मेंद्र गुप्ता आपराधिक किस्म का इंसान है। उसके खिलाफ शाहजहांपुर जिले के कटरा थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत 2021 में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद 2022 में बरेली के इज्जतनगर थाने में एनआई एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। 2005 में उसपर दुष्कर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था।

सुरेश चंद्र गुप्ता।फाइल फोटो

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