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मेडिकल कॉलेज में भी शुरू हुआ ब्लड बैंक, जिला अस्पताल से कम होगा भार

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बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में जिले के दूसरे ब्लड बैंक ने काम चालू कर दिया है। अब जिला अस्पताल के ब्लड बैंक पर भार कुछ कम होगा। अब तक अकेले जिला अस्पताल के ब्लड बैंक पर जिला अस्पताल के साथ मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों के जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी थी।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक को लाइसेंस करीब चार महीने पहले ही मिल गया था। इसके साथ ही ब्लड बैंक के लिए जरूरी उपकरण भी उपलब्ध हो गए थे, लेकिन ब्लड बैंक चालू नहीं हो सका था। अगस्त में ब्लड बैंक चालू किया गया। कुछ लोगों ने रक्तदान भी किया, लेकिन राजकीय मेडिकल कॉलेज ने रक्त की यह यूनिट जिला अस्पताल के ब्लड बैंक भेज दी थीं। राजकीय मेडिकल कॉलेज का ब्लड बैंक निरंतरता पर नहीं आ रहा था। सितंबर के दूसरे सप्ताह में यहां के ब्लड बैंक स्टाफ को जिला अस्पताल में प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद भी ब्लड बैंक चालू नहीं हुआ। एक अक्तूबर को मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में 11 लोगों ने रक्तदान किया। इस बार भी ब्लड बैंक ने इस रक्त को जिला अस्पताल के ब्लड बैंक भेजना चाहा, लेकिन जिला अस्पताल प्रशासन ने रक्त का पर्याप्त स्टॉक होने की बात कहकर रक्त लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज का ब्लड बैंक चालू हो गया है। यहां अब प्रतिदिन रक्त की एक-दो मांग भी आ रही हैं।
मेडिकल कॉलेज का ब्लड बैंक चालू होने से जिला अस्पताल से भार कुछ कम होगा। मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने वाले रोगियों और घायलों के तीमारदारों को रक्त की जरूरत होने पर जिला अस्पताल की दौड़ नहीं लगानी होगी।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज का ब्लड बैंक चालू हो गया है। जिस ग्रुप का रक्त उपलब्ध है उस ग्रुप के जरूरतमंदों को यहां से ही रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है। धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक पर निर्भरता भी कम हो रही है। -डॉ. एसके भार्गव, एचओडी, पैथोलॉजी राजकीय मेडिकल कॉलेज
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