बदायूं। पड़ोसी जिला पीलीभीत में बर्ड फ्लू का मामला सामने आने के बाद जिले में सतर्कता और बढ़ा दी गई है। बृहस्पतिवार को पशु चिकित्सा और वन विभाग की टीमों ने जिले भर में अभियान चलाकर कुल 326 पक्षियों के सैंपल लिए। इनको जांच के लिए आईवीआरआई भेजा गया है। इधर, बृहस्पतिवार को उझानी में एक चील की मौत का मामला भी सामने आया है। हालांकि, अधिकारी चील के सर्दी से मरने की बात कह रहे हैं, लेकिन इसका सैंपल भी जांच के लिए भेजा गया है।
बृहस्पतिवार को पशुपालन विभाग और वन विभाग की पांच-पांच टीमों ने जिले में अभियान चलाया। अभियान के दौरान मुर्गियों व अन्य पक्षियों के सैंपल लिए गए। जिला स्तरीय टीमों ने कुल 44 स्थानों से क्लोएकल के 146 , ओरोफैरिंजीयल 146 और सीरम के 27 सैंपल लिए। वन विभाग की टीमों ने सात सैंपल लिए। इनमें दातागंज की टीम ने 90, सदर की टीम ने 82, सहसवान की टीम ने 100, बिसौली ने 22 और बिल्सी की टीम ने 32 सैंपल लिए। बृहस्पतिवार को उझानी में चील की मौत की सूचना पर टीम मौके पर पहुंच गई। इससे पहले यहां कबूतर की भी मौत हो चुकी है। हालांकि, जिले में अब तक बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। इसके बाद भी अधिकारी सतर्कता से काम ले रहे हैं।
दूसरी ओर वन विभाग की टीमें भी गंगा और रामगंगा के किनारे उन स्थानों पर निगरानी कर रही हैं जहां सर्दियों के सीजन में विदेशी प्रवासी पक्षियों का बसेरा होता है। बृहस्पतिवार को वन विभाग की टीम ने शहर में खेड़ा नवादा स्थित सागरताल से पक्षियों के सैंपल लिए। इनको जांचके लिए आईवीआरआई भेजा गया है।
पक्षियों की मौत पर सतर्कता, मुर्गी, अंडा और मांस विक्रेताओं को दिए निर्देश
बदायूं। डीएम कुमार प्रशांत ने मुर्गी, अंडा और मांस की बिक्री करने वाले दुकानदारों को दिशा निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बृहस्पतिवार को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके जादौन से पूरे हालात पर जानकारी ली। निर्देश दिए कि वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की टीमें आपस में समन्वय बनाकर काम लें। किसी भी स्थान से पक्षी के मरने की सूचना पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करें। इसके अलावा बाहर के जिलों से पोल्ट्री उत्पाद या मांस की आवक जिले में न होने दें। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने डीएम से मिले दिशा निर्देशों के बाद पोल्ट्री फार्मों के साथ मांस और अंडा विक्रेताओं को दिशा निर्देश जारी किए हैं।
कबूतर के बाद अब चील ने दमतोड़ा, बर्ड फ्लू की जांच को आईवीआरआई भेजा सैंपल
उझानी (बदायूं)। चार दिन पहले संदिग्ध हालत में मरे कबूतर की बर्ड फ्लू की जांच रिपोर्ट आ भी नहीं पाई है कि बृहस्पतिवार को मार्केट में एक चील ने दमतोड़ दिया। चील मार्केट में एक दुकान के सामने पेड़ से गिरी और करीब आधा घंटे में उसके प्राण पखेरू उड़ गए। व्यापारी की सूचना के बाद पशु चिकित्सक ने बर्ड फ्लू की आशंका के चलते उसका सैंपल भी ले लिया। सैंपल जांच के लिए आईवीआरआई बरेली को भेज दिया गया है।
मेन मार्केट में बदायूं रोड पर पूर्वाह्न में एक चील को कुछ लोगों ने पेड़ पर बैठा देखा। वह उड़ने की कोशिश कर रही थी लेकिन दोपहर में वह अचानक ही पेड़ से गिर पड़ी। दुकानदारों में टैंट हाउस मालिक जयपाल थरेजा समेत कई लोग इकट्ठे हो गए। बर्ड फ्लू की आशंका के चलते कोई भी उसे छू नहीं पाया। टैंट हाउस मालिक थरेजा ने फोन कर पशु चिकित्सक विवेक माहेश्वरी को मौके पर बुला लिया। पशु चिकित्सक के पहुंचने तक चील की सांसे चलती रहीं। हालांकि उन्होंने चील को इंजेक्शन देकर बर्ड फ्लू की जांच के लिए उसका सैंपल भी ले लिया लेकिन इसके करीब आधा घंटे बाद ही चील के प्राण पखेरू उड़ गए।
पशु चिकित्सक ने वन विभाग के बदायूं स्थित कार्यालय फोन करके वनरक्षक भूनचंद्र बेलवाल और मुकेश कुमार को बुला लिया। वनरक्षक चील के शव को पॉलीथिन के बैग में पैककर ले गए। वनरक्षक बेलवाल ने बताया कि चील के शव को जंगल में दफन कर दिया गया है। बता दें कि चार दिन पहले घंटाघर चौराहे पर कुछ इसी तरह से एक कबूतर की भी मौत हुई थी। सराफा कमेटी के अध्यक्ष संजय मित्तल की सूचना के बाद पशु चिकित्सक ने बर्ड फ्लू की जांच के लिए उसका सैंपल लेकर आरवीआरआई बरेली को भेजा था लेकिन उसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आ पाई है। इधर, पशु चिकित्सक का कहना है कि चील में बर्ड फ्लू के लक्षण नजर नहीं आ रहे थे।