मुजरिया थाना परिसर में बैठे भाकियू के कार्यकर्ता।स्रोत:वीडियोग्रैब
बदायूं। मुजरिया थाने की पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का विरोध करते हुए भाकियू (स्वराज) के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को धरना दिया। पुलिस के समझाने पर वह नहीं माने तो पीएसी बुलाकर लाठी फटकारते हुए उनको थाने से खदेड़ दिया। इससे विवाद बढ़ गया तो सीओ सहसवान कर्मवीर सिंह मौके पर पहुंचे और मामला शांत कराया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों का शांतिभंग में चालान किया है।
मुजरिया थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी चचेरे तहेरे दो भाइयों ने जमीन विवाद में एक दूसरे के खिलाफ पत्नी से छेड़खानी की तहरीर दी थी। इस मामले में पुलिस एकतरफा कार्रवाई की। बृहस्पतिवार सुबह पुलिस ने एक युवक और उसकी पत्नी को पकड़कर थाने में बैठा लिया। पत्नी थाने में बैठी रही और उसके पति को हवालात में बंद कर दिया। युवक की पत्नी ने इस मामले की जानकारी भाकियू (स्वराज) के कार्यकर्ताओं को दी। कार्यकर्ताओं ने पुलिस से बात की।
इसके बाद प्रदेश सचिव अवनीश यादव ने फोन पर एसओ सुरेंद्र से बातचीत की। एसओ ने जांच कर छोड़ने का आश्वासन दिया। दो घंटे तक पुलिस ने युवक को नहीं छोड़ा गया। इसके बाद एसओ एक मीटिंग के कारण बदायूं चले गए। इसलिए युवक हवालात में ही बंद रहा।
इसलिए दोपहर को भारी संख्या में भाकियू कार्यकर्ता थाने पहुंच गए। वह पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए थाने के अंदर ही धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। जमकर हंगामा किया। कार्यकर्ताओं के हंगामे को देखते ही पुलिस ने पीएसी बुला ली। पीएसी व पुलिस फोर्स ने भाकियू कार्यकर्ताओं को लाठी फटकार कर थाने से खदेड़ दिया। इससे मामला तूल पकड़ गया। हंगामे की जानकारी पर सीओ सहसवान पहुंचे। तब तक प्रदेश सचिव भी मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान पुलिस ने युवक के तहेरे भाई को भी थाने बुलाया। फिर दोनों भाइयों का शांतिभंग में चालान कर दिया। सीओ ने प्रदेश सचिव से बातचीत का निष्पक्ष कार्य का आश्वासन दिया। उसके बाद मामला शांत हुआ।
- थाने के अंदर धरना दिया गया था। पुलिस ने भाकियू कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया था। किसी को खदेड़ा नहीं गया है। पुलिस पर लगाए गए आरोप निराधार है। - कर्मवीर सिंह, सहसवान सीओ