गांव बसई में भागवतकथा सुनाते स्वामी रामचन्द्राचार्य। संवाद
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बिसौली। कथावाचक स्वामी रामचंद्राचार्य महाराज ने कहा कि भगवान नारायण पाप ही नहीं बल्कि पाप की पूरी फैक्टरी को ही बंद कर देते हैं। जब अत्याचार बढ़ा तो प्रभु राम ने रावण के कुल का ही समूल नाश कर दिया था।
गांव बसई स्थित श्रीराम माहेश्वरी शिक्षण संस्थान में चल रही भागवत कथा के चौथे दिन स्वामी जी ने कहा कि जब-जब धरती पर पाप बढ़ते हैं तो भगवान भक्तों की रक्षा के लिए स्वयं ही अवतरित होते हैं। महाराज ने कहा कि ज्ञानी और शिक्षित में बड़ा अंतर होता है। शिक्षित कोई भी हो सकता है लेकिन ज्ञान तो आत्मा के जरिये ही प्राप्त होता है। स्वामी जी ने कहा कि ऊं शब्द की उत्पत्ति ऋष्वेद, सामवेद व यजुर्वेद से प्राप्त अ, उ व म शब्दों से मिलकर हुई है। दीक्षा प्राप्त करने वाला ही भागवत कथा श्रवण का अधिकारी होता है।
इस अवसर पर रामनिवास शर्मा, माहेश्वरी देवी, प्रवीण शर्मा, मुकेश शर्मा, मनोज यादव, लाखन सिंह, अमित अग्रवाल, बाबी, गुड्डू पाराशरी, प्रदीप कुमार, सोनू, लवी, लकी, विनकी आदि प्रमुखता से मौजूद रहे। संवाद