यदि आपने बच्चों की सेहत को लेकर थोड़ी भी लापरवाही बरती तो दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं। मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है, जिसकी वजह से लोग बीमार हो रहे हैं। खांसी बुखार के अलावा मलेरिया का प्रकोप भी तेजी से बढ़ रहा है। जिला अस्पताल के साथ ही देहात क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में रोजाना सैकड़ों लोग दवा लेने आ रहे हैं। संख्या अधिक होने की वजह से सरकारी अस्पताल में मरीजों के लिए दवा नहीं मिल पा रही है। इसकी वजह से लोगों को निजी डॉक्टरों से इलाज कराना पड़ रहा है।
मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है, दिन में गर्मी तो रात को मौसम में ठंडा हो जाता है। ऐसे मौसम में वायरल, सर्दी, खांसी, जुकाम जैसी बीमारियां बच्चों में आम है लेकिन इस बार मच्छरों के प्रकोप की वजह से मलेरिया भी अपने पैर पसार रहा है। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष में सुबह से ही बीमार बच्चों की भीड़ लग जाती है। जिला अस्पताल में हर रोज करीब 250 बच्चे ओपीडी में दवा लेने को आ रहे हैं। बच्चों के तीमारदारों का कहना है कि जिला अस्पताल में डॉक्टर नीली पीली गोली दे देते हैं। देहात क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में स्थिति और भी खराब है।
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव रोहतगी का कहना है कि बदलता मौसम बच्चों के लिए बेहद हानिकारक है। माता-पिता को चाहिए वे इस मौसम में बच्चों को पूरी तरह सुरक्षित रखें। घर के बाहर का खाना बच्चों को खाने को न दें और बाहर से जब घर में आएं तो साबुन से हाथ-पैर धुलवाएं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शरद गुप्ता के अनुसार इस बार वायरल, सर्दी, जुकाम, खांसी के साथ ही मलेरिया भी अपने पैर पसार रहा है। अभिभावकों को चाहिए वे बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं। शाम के समय बच्चों को घर के बाहर न जाने दें और ठंडी चीजें खाने को न दें।