जिला अस्पताल में मरीज के लिए दवा लिखते डाॅक्टर। संवाद
बदायूं। पिछले कुछ दिनों से मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है। दिन में तेज धूप और रात में ठंडा मौसम होने लगा है। इससे अब लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। तापमान में हो रहे उतार-चढ़ाव से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है। यहीं वजह है कि अब अस्पताल में बुखार, सिर दर्द, खांसी-जुकाम, पेट दर्द के मामले बढ़ने लगे हैं।
जिला अस्पताल में सोमवार को 1250 लोगों ने अपना पंजीकरण कराया। वहीं पिछले चार-पांच दिनों की बात करें तो इनमें अधिकतर मामले अब बुखार, सिर दर्द, खांसी-जुकाम, पेट दर्द, डायरिया और सांस से जुड़ी तकलीफों के सामने आ रहे हैं। इनमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या ज्यादा है, क्योंकि इस मौसम में उनका शरीर तेजी से प्रभावित होता है। डॉक्टर शिव मोहन कमल का कहना है कि ऐसे समय पर खास सतर्कता जरूरी है। क्योंकि मौसम बदलने पर बैक्टीरिया और वायरस तेजी से सक्रिय हो जाते हैं। गंदा पानी पीने या असुरक्षित खाना खाने से डायरिया और उल्टी-दस्त जैसी समस्याएं होने लगती हैं। वहीं ठंडी-गर्मी के फर्क से फ्लू और वायरल बुखार के केस भी तेजी से बढ़ते हैं। ऐसे में उन्होंने डॉक्टर ने लोग खाने-पीने की चीजों को ढककर रखें और साफ पानी ही पिएं। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करें। बच्चों को बाहर का चटपटा खान-पान न कराएं। इस समय शरीर को हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी है, इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लेते रहें। हाथों को बार-बार धोने की आदत डालें ताकि संक्रमण का खतरा कम हो। डॉक्टरों ने कहा कि अगर किसी को लगातार बुखार, पेट दर्द या डायरिया की शिकायत हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल से संपर्क करें।