बदायूं। अमर ज्योति यूनिवर्स लिमिटेड के निदेशक और एजेंट निवेशकों का रुपये लेकर भाग गए हैं। इस मामले में पांच आरोपियों ने जमानत के लिए कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। बृहस्पतिवार को इसे खारिज कर दिया गया। अब वह सेशन कोर्ट जाएंगे। जिस अधिवक्ता ने आरोपियों की पैरवी की। उसके खिलाफ अन्य अधिवक्ताओं ने बार एसोसिएशन को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
शहर के काम ग्रांन मोहल्ला निवासी अशद अहमद ने मीरा सराय स्थित अमर ज्योति कंपनी के निदेशक सूर्यकांत और शशिकांत के अलावा मैनेजर अमित, एजेंट सुनील बाबू व अन्य एजेंट व कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस की विवेचना में एजेंट विजेंद्र मौर्या, कमल बाबू, अवनीश कुमार, अरविंद मौर्या और अमित साहू का नाम प्रकाश में आने के बाद उन्हें जेल भेज दिया था। इसके बाद आरोपियों ने विधिक प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र देकर अधिवक्ता मांगा। वहां से मिले अधिवक्ता ने इन सभी की जमानत के लिए लोवर कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल की।
बृहस्पतिवार को इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। इस इस मामले की सुनवाई सेशन कोर्ट में होगी। बार एसोसिएशन के सदस्य आरके सक्सेना ने बताया कि वादी असद के मुकदमे में उन्होंने पैरवी की है। आगे भी मुकदमों में पैरवी करेंगे।
वहीं, कुछ अधिवक्ताओं ने जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व महासचिव को पत्र लिखकर कहा कि अमर ज्योति कंपनी अधिवक्ताओं के रुपये लेकर भाग गई है। यह बार एसोसिएशन के सदस्य भी हैं, इन्होंने जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। बार के अधिवक्ताओं के सुख-दुख के साथी रहे हैं, लेकिन अधिवक्ता द्वारा अधिवक्ताओं के विरुद्ध कार्य करना स्पष्ट दर्शाता है। उनके कार्य ने एकता को तोड़ा है। इस पर संज्ञान लेते हुए सदस्यता से निष्कासित कर व कल्याण निधि से मिलने वाले लाभ को अविलंब रोका जाए।
इनाम बढ़ाने की सिफारिश
एसएसपी डॉ.बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि निदेशक सूर्यकांत और शशिकांत के ऊपर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। जुर्माने की राशि दोगुना करने के लिए आईजी बरेली को रिपोर्ट भेजी गई है। वहां से अनुमति के बाद इनाम घोषित किया जाएगा।
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