इस मामले में भेजा गया था नोटिस
इसी जमीन के कुछ हिस्से को बाद में सरकार ने अधिग्रहीत कर लिया था। इसके लिए लेखराज को 12 लाख रुपये मुआवजा भी मिला था। बाद में चंद्रहास ने एसडीएम न्यायिक कोर्ट में वाद दायर कर उसी जमीन के खसरा खतौनी में अपना नाम दर्ज कराने की मांग की। इसी याचिका की सुनवाई के मामले में प्रतिवादी समेत राज्यपाल के नाम समन भेजा गया।
राज्यपाल के विशेष सचिव बद्रीनाथ सिंह ने डीएम को पत्र लिखकर आपत्ति जताई। पत्र में लिखा कि यह समन संविधान के अनुच्छेद 361 का उल्लंघन है। संबंधित अफसर को पुनरावृत्ति ना करने की हिदायत दी। इस पर डीएम मनोज कुमार ने एसडीएम को चेतवनी दी है। यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।