बदायूं। छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में बदायूं प्रदेश में 69वें स्थान पर है। सितंबर से अब तक जिले के 816 ऐसे स्कूल हैं जहां 65 प्रतिशत से कम छात्र-छात्राएं स्कूल आ रहे हैं। इसको लेकर बीएसए ने सभी बीईओ को चेतावनी दी है कि अगर स्कूलों में 75 फीसदी उपस्थिति नहीं मिली तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश सरकार परिषदीय स्कूलों को कॉन्वेंट की तरह सुविधा देने के लिए लगातार काम कर रही है। इसके तहत कई योजनाएं संचालित की जा रहीं हैं। शासन की ओर से आई रिपोर्ट के अनुसार, एक सितंबर से 18 सितंबर के बीच जिले में 816 स्कूल ऐसे मिले हैं जिनमें 65 प्रतिशत से भी कम छात्र-छात्राओं की उपस्थिति है। वहीं प्रदेश में जिले की रैंक 69वीं आई है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि पूर्व में भी छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसमें कोई सुधार नहीं हुआ। ऐसे में चेतावनी दी गई है कि अगर छात्र-छात्राओं का नामांकन 75 प्रतिशत से ऊपर नहीं हुआ तो कार्रवाई के लिए तैयार रहे। इसके लिए संबंधित बीईओ के खिलाफ उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया जाएगा।
मध्याह्न भोजन में बदायूं को मिली ई-रैंक
शासन की ओर से पीएम पोषण (मध्याह्न भोजन) में भी लापरवाही देखने को मिल रही है। सितंबर में शासन ने बदायूं को ई-रैंक दी है, जिस पर बीएसए ने काफी रोष जताया। कहा कि हर हाल में इसमें सुधार किया जाएगा। साथ ही इस बात का ध्यान रखा जाए कि किसी भी हालत में फर्जी संख्या नहीं भेजी जाए। ऐसा मिलने पर संबंधित प्रभारी प्रधानाध्यापक, प्रधानाध्यापक, संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को जिम्मेदार माना जाएगा। उसी अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सभी खंड शिक्षाधिकारियों को पहले से निर्देश हैं कि वह अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों में चेकिंग करके छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाएं, बावजूद इसके सुधार नहीं हुआ है। अब उनको फिर चेतावनी दी गई है कि अगर छात्र-छात्राओं की उपस्थिति 75 प्रतिशत नहीं होती है तो संबंधित खंड शिक्षाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकरियों को लिखा जाएगा। -वीरेंद्र कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी