बिल्सी। शनिवार को कर्ज वसूली के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) टिकैत ने तहसील प्रांगण में महासभा का आयोजन किया। एसडीएम के न आने से नाराज भाकियू कार्यकर्ता उनके चैंबर के सामने गेट बंद करके लेट गए। इसके बाद एसडीएम पहुंचे और ज्ञापन लिया, तब प्रदर्शन खत्म हुआ।
सुबह से ही कर्ज वसूली के विरोध में तहसील प्रांगण में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता जमा होना शुरू हो गए थे। पंचायत का नेतृत्व मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष चौधरी सौदान सिंह, मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना और जिलाध्यक्ष रामाशंकर शंखधार के नेतृत्व में किया गया।
चौधरी सौदान सिंह ने कहा कि इस समय तहसील कर्मियों द्वारा किसानों का कर्ज वसूली के नाम पर उत्पीड़न किया जा रहा है। बैंक कर्मियों द्वारा विशेष खेल खेला गया, कर्जे में कई गुना ब्याज जोड़कर अशुद्ध आरसी तहसील भेज दी गई। जिलाध्यक्ष रामाशंकर शंखधार ने कहा किसान इस समय कर्ज चुकाने की स्थिति में नहीं हैं। आखिर गन्ने का भी तो करोड़ों में बकाया है।
शासन-प्रशासन चीनी मिलों से भुगतान कराने में विफल रहा और किसानों से कर्ज वसूली की जा रही है। मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना ने कहा कि किसानों के साथ शासन उनके साथ अभद्र व्यवहार कर रहा है। कर्ज वसूली को लेकर 21 अक्टूबर से बदायूं में जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
उधर, जब तहसील के कर्मी पंचायत स्थल पर ज्ञापन लेने नहीं आए तो एसडीएम को ज्ञापन देने की बात कही गई। बताया गया कि एसडीएम बाहर हैं। इस पर किसान आक्रोशित हो गए एसडीएम चैंबर के सामने किबाड़ बंद करके लेट गए और नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में एसडीएम मौके पर पहुंचे और ज्ञापन लिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। ज्ञापन देने वालों में ठाकुर अजय पाल सिंह, जोगेंद्र सिंह, सुखपाल सिंह, सोमवीर सिंह, कैसर अली, नाथू सिंह, जुगल किशोर, चौधरी रमेश चंद्र, अमरपाल सिंह यादव, फैयाज प्रधान आदि मौजूद रहे।