बदायूं के दातागंज में सैजनी के पास एचपीसीएल के कम्प्रेस्ड बायोगैस (सी बी जी) प्लांट में 12 मार्च को दो वरिष्ठ अधिकारियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सोमवार को सीओ बिल्सी हर्षित मिश्रा के आवास पर पहुंचे। उन्होंने आवास में करीब दो घंटे तक रूककर परिजन से घटना की जानकारी ली। हर्षित के पिता ने बताया कि एसपी बदायूं के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे सीओ को उन्होंने बंद लिफाफा में तहरीर और पेन ड्राइव में सबूत दिए है। सीओ के कहने पर एसपी बदायूं से मोबाइल पर बात की।
बातचीत के दौरान उन्होंने घटना के बाद की जा रही लीपापोती का आरोप लगाया। साथ ही न्याय की गुहार की। हर्षित मिश्रा की मां रानी मिश्रा ने सीओ को बताया कि उनका बेटा ईमानदार था और झुका नहीं, इसलिए मार दिया गया। शीघ्र ही एसपी बदायूं से मिलेंगी। जरूरत पड़ी तो सडक़ों पर उतरेंगी। उन्होंने सीओ से कहा कि अगर शीघ्र ही न्याय नहीं मिला तो परिवार सहित आत्मदाह करेंगी। अन्य परिजन ने अब तक अन्य आरोपियों पर कार्रवाई न होने, बुलडोजर न चलाकर आरोपी को बचने का मौका देने का आरोप लगाया। उन्होंने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की।
हर्षित की पत्नी बोली -योजनाबद्ध ढंग से पति की कराई गई हत्या
हर्षित मिश्रा की पत्नी सुमति मिश्रा का कहना है कि घटना के दिन पति बैठक में नहीं जाना चाहते थे। अफसर उनको फोन कर लगातार बैठक में आने का दबाव बना रहे थे। बैठक में शामिल हुए एक प्रमुख अफसर के पास मुख्य आरोपी का लगातार कई बार फोन भी आया था। दबाव और दबंगई से परेशान हर्षित कई दिनों से चल रही गतिविधियों की जानकारी देते थे। वह दूसरे उप महाप्रबंधक के आने के बाद लंबी छुट्टी लेने का मूड बना रहे थे।
घटना से सुमति बहुत आहत
शादी के चंद दिनों बाद पति की हत्या से टूट चुकी सुमति घटना से बहुत आहत हैं। सुमति ने बताया कि उसके पति के साथ कई दिनों से अभद्रता हो रही थी। हत्यारोपी अक्सर रास्ते में उनकी गाड़ी को रोककर अभद्रता करता था। डीएम, एसपी से मिलकर उसके पति ने शिकायत के साथ सुरक्षा मांगी। विधायक से भी मिले। विधायक ने भी उनकी नहीं सुनी। घर आने पर शाम को पति पूरे दिन के घटनाक्रम की जानकारी देते थे। बताते थे कि अभद्रता और सुरक्षा न मिलने से उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता ने बीआरएस ले लिया है। 31 मार्च तक उनको जाना है। नया उप महाप्रबंधक लोकेश एक- दो दिन में प्लांट देखने को आने वाला है। उसके ज्वाइन करने पर वह भी लंबी छुट्टी ले लेंगे।
सुमति ने बताया कि सुरक्षा न मिलने, आरोपी पर कार्रवाई न होने, अफसरों का समस्या पर ध्यान न देने को लेकर पिछले कई दिनों से हर्षित ड्यूटी पर जाना ही नहीं चाहते थे। 10 मार्च को एक उच्च अफसर ने फोन पर दबाव बनाकर हर्षित को प्लांट पहुंचने को कहा। उस दिन उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता प्लांट में नहीं पहुंचे। बुधवार को फिर फोन पर दबाव बनाकर उनको बुलाया गया। घटना के दिन बृहस्पतिवार को होने वाली बैठक में पति जाना ही नहीं चाहते थे। बैठक में शामिल हुए एक उच्च अफसर सहित तीन अफसरों ने उनको कई बार फोन कर बैठक में आने का दबाव बनाया। उनका आरोप है कि उच्च अफसर की मुख्य आरोपी से लगातार बात हो रही थी। बैठक के दौरान मुख्य आरोपी की उच्च अफसर के पास कई बार काल आई। इसकी जानकारी हर्षित ने बैठक से हटकर उनको मोबाइल पर दी थी।