बदायूं। गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण के मामले में बदायूं पिछड़ने लगा है। ऐसा कोरोना की दूसरी लहर के कारण हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि अब काम में तेजी जाएगी। जिले में एक्सप्रेस-वे के लिए अब तक करीब 72 फीसदी ही जमीन का अधिग्रहण हो सका है।
मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाला 594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे जिले की बिल्सी, बिसौली, सदर और दातागंज तहसील के 84 गांवों से होकर गुजरेगा। बदायूं में इसकी लंबाई करीब 92 किमी होगी। इसके लिए 1050 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। फरवरी में भूमि अधिग्रहण शुरू हुआ था। अब तक करीब 72 फीसदी ही जमीन का अधिग्रहण हो सका है। एक्सप्रेस-वे बिसौली के 37, दातागंज के 27, बदायूं के 18 और बिल्सी के दो गांवों से होकर गुजरेगा।
जिन किसानों की भूमि गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए खरीदी जा रही है उनको सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा दिया जा रहा है। इसके बाद भी काफी संख्या में किसान एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन देने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
दरअसल, प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। सरकार के पास छह महीने बचे हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार का पूरा जोर चुनावों से पहले भूमि अधिग्रहण पूरा कराने के बाद गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण शुरू कराने पर है। ताकि प्रदेश की जनता को विकास का संदेश दिया जा सके।
गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए जिले में 1050 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है। किसानों से जमीनों के बैनामा कराए जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण के कारण बैनामा की प्रक्रिया में शिथिलता आई थी। अब तक जिले में करीब 72 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है। कोरोना संक्रमण अब कम हुआ है। काम में तेजी आ रही है।
- नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व