सेहतमंद रहने के लिए जरूरी है रक्त का दान
लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल का ब्लड बैंक खून की कमी से जूझ रहा है। 600 यूनिट क्षमता वाले ब्लड बैंक में सिर्फ गिनती के ही यूनिट बचे हैं। निगेटिव ग्रुप का ब्लड पूरी तरह से खत्म है। ऐसे में ब्लड बैंक को रक्तदाताओं की जरूरत है, ताकी जरूरतमंदों की जान बचाकर उसके घर में खुशियां लाई जा सकें।
रक्तदान के हैं ढेरों फायदे
रक्त का दान शरीर के लिए लाभदायक है। रक्तदान तमाम बीमारियों से सुरक्षित रखता है। नियमित रक्तदान करने से कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है। हार्ट अटैक होने की संभावना कम रहती है। सबसे बड़ी बात यह हैै कि शरीर की नि:शुल्क जांच हो जाती है।
ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. केपी सिंह बताते हैं कि रक्त लेने के बाद उसकी जांच की जाती है। इस दौरान यदि कोई बीमारी निकलती है तो संबंधित को जानकारी देकर इलाज की सुविधा मुहैया कराई जाती है। इनका कहना है कि एक यूनिट रक्तदान से दाता का कुछ नहीं बिगड़ता, लेकिन उसके ऐसा करने से किसी घर में खुशियां जरूरत लाई जा सकती हैं। इसलिए 14 जून को ब्लडबैंक आकर रक्तदान कर मानवता का धर्म निभाएं। उन्होंने कहा कि उम्र 18 से 55 साल के बीच, वजन 45 किलोग्राम और हीमोग्लोबिन 12.5 फीसदी है तो आप रक्तदान करने के पात्र हो जाते हैं। खाली पेट रक्तदान न करें।
अमर उजाला का रक्तदान शिविर कल
अमर उजाला फाउंडेशन 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस पर जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में सुबह दस से दोपहर दो बजे तक रक्तदान शिविर का आयोजन करेगा। इसमें 18 से 55 साल की उम्र तक के लोग आकर रक्तदान कर सकते हैं। रक्तदाताओं को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
ये भी जानिए
एक बार में 350 मिलीग्राम खून लिया जाता है। रक्तदाता तीन माह बाद फिर रक्तदान कर सकता है। रक्तदान से होने वाली खून की हुई कमी 24 घंटे में पूरी हो जाती है। एक यूनिट रक्त देने से शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन एक किसी की जान जरूर बच सकती है।
रक्तदान करना सेहत के लिए लाभकारी है। एक यूनिट ब्लड दान से शरीर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन इससे किसी की जान जरूर बचाई जा सकती है। खून के अभाव में किसी की मौत न हो इसलिए 14 जून को ब्लडबैंक पहुंचकर जरूरतमंदों के लिए एक यूनिट रक्त का दान करें। - डॉ. आरसी अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल
लापरवाही में हटाई गईं ब्लडबैंक की स्टाफ नर्स
लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरसी अग्रवाल ने ब्लडबैंक की स्टाफ नर्स सुनीता को ड्यूटी से हटाकर मेट्रन के आधीन कर दिया है। उपचारिका पुरुष गौरव कश्यप को ब्लड बैंक में ड्यूटी करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में सीएमएस का कहना है कि कार्य में लापरवाही बरतने के कारण सुनीता को हटाया गया है।