पूर्व शहर विधायक और उत्तर प्रदेश वक्फ विकास निगम के पूर्व चेयरमैन आबिद रजा ने प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत अपने आवास पर सैकड़ों समर्थकों के बीच सभा करके पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव पर सीधा हमला बोला। आरोप लगाया कि उन्होंने साजिश करके उनका टिकट कटवा दिया। कहा कि नई सपा को बदायूं के लोगों ने नकार दिया है। भाजपा और बसपा में से आप जिसे चाहें चुनने को स्वतंत्र हैं।
आबिद रजा शहर सीट से सपा के टिकट के दावेदार थे लेकिन पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव से चल रही उनकी तकरार के कारण उनको टिकट नहीं मिल सका। इसके बाद से आबिद के तेवर बगावती हो गए हैं। चार दिन पहले उन्होंने समर्थकों की मौजूदगी में कहा था कि दो फरवरी को वह कोई फैसला लेंगे।
हिम्मत है तो वह सामने आएं धर्मेंद्र यादव
बुधवार को सैकड़ों की संख्या में उनके समर्थक आवास पर पहुंचे। वहां मंच बनाया गया था। यहां उन्होंने सभा को संबोधित किया। आबिद ने समर्थकों से कहा कि मैंने कभी तुम्हारा सौदा नहीं किया। अंडरग्राउंड केबल के मुद्दे को जनहित में उठाते हुए गुणवत्ता में सुधार की मांग की थी। अगर अंडरग्राउंड केबल सही है तो पूर्व सांसद को कहना चाहिए कि केबल सही है। उन्होंने कहा कि उनका गुनाह यह है कि उन्होंने कोई गलती नहीं की। पूर्व सांसद का नाम लेकर कहा कि उनमें हिम्मत है तो वह सामने आएं और कहें कि उन्होंने आबिद रजा का टिकट कटवा कर अच्छा किया। अगर वह हिम्मत वाले नेता होते, बहादुर और ताकतवर होते तो धोखा नहीं देते।
नई सपा को जनता ने नकार दिया है
आबिद ने कहा कि जिले में जिस तरह से टिकट वितरण में खेल हुआ है उससे समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। नई सपा को जनता ने नकार दिया है। उनके समर्थक शहर सीट पर भाजपा और बसपा में से किसी विकल्प को चुनने के लिए स्वतंत्र हैं। इसके साथ ही आबिद रजा ने बिल्सी सीट पर चंद्रशेखर रावण की पार्टी से चुनाव लड़ रहे बाबर मियां का साथ देने की भी घोषणा की।
कोई कुछ भी कहे, मुझे इस तरह के मामलों में कुछ नहीं कहना है।
- धर्मेंद्र यादव, पूर्व सांसद