बदायूं। जिले में भाजपा को इस चुनाव में तीन ही सीटें मिली हैं पर सपा के कथित गढ़ में वोट बैंक और जनाधार बढ़ने से पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है। जिले से इस बार फिर एक विधायक को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। महेश गुप्ता के कैबिनेट मंत्री बनने की संभावना ज्यादा बताई जा रही है तो यह भी कहा जा रहा है कि हरीश शाक्य को भी मौका मिल सकता है।
शहर विधायक महेश चंद्र गुप्ता योगी सरकार में नगर विकास राज्यमंत्री थे। सदन में सीएम योगी के अलावा भगवा वस्त्रधारी वही विधायक दिखते हैं। इसके अलावा उन्होंने कोरोना खत्म न होने तक अन्न न खाने की सौगंध ले रखी है। इससे पहले वह कई साल तक आतंकवाद खत्म न होने तक अन्न ग्रहण न करने का प्रण पूरा कर चुके हैं।
उनके नगर विकास राज्यमंत्री कार्यकाल के अंतिम दौर में शहर में सीवर लाइन प्रस्तावित हुई थी जो उनकी बड़ी उपल ब्धि कही जा सकती है। हालांकि उनके कार्यकाल में शहर की खराब सड़कें, जलभराव व अन्य बिंदुओं पर सवाल उठते रहे पर दोबारा से जनता ने उन्हें शहर विधायक बनाकर यह भी साबित किया कि उनका विकल्प फिलहाल दूसरा नहीं था। ऐसे में उनके दोबारा मंत्री बनने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। पार्टी सूत्र तो यहां तक कह रहे हैं कि इस बार उन्हें कैबिनेट दर्जा भी मिल सकता है। शहर सीट पर लगातार दूसरी बार जीत हासिल करने वाले अकेले विधायक भी वहीं हैं।
इधर, संगठन कार्यकर्ता से पहली ही बार में रिकार्ड वोटों से विधायक बने हरीश शाक्य को भी मंत्री बनाने की चर्चा है। बता दें कि शेखूपुर सीट के विधायक धर्मेंद्र शाक्य के हार जाने के बाद हरीश ही जिले में शाक्य वर्ग का इकलौता चेहरा हैं। मंत्रिमंडल में युवा जोश के साथ ही जातीय समीकरण साधने को वरीयता दी गई तो हरीश का दांव भी लग सकता है। दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह लगातार दूसरी बार जीतकर पहचान बना चुके हैं। पार्टी में उनके अच्छे संपर्क होने की बात कही जा रही है, इससे उनके समर्थक उन्हें मंत्री पद का मजबूत दावेदार बता रहे हैं। हालांकि पार्टी संगठन स्तर पर अभी इस तरह की चर्चा से इनकार किया जा रहा है। जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता से इस बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि मंत्रिमंडल का गठन शीर्ष नेतृत्व करेगा। अभी इस मामले में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। जिला स्तर से अभी ऐसा कोई इनपुट भी नहीं मांगा गया है। संवाद