सूबे के कैबिनेट मंत्री आजम खां के खिलाफ देशद्रोह के मामले में वादी उज्ज्वल गुप्ता ने मामले में सुनवाई कर रहे सीजेएम कोर्ट में धारा 190 (2) अर्जी देकर आरोपी के साथ विवेचक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वादी के वकील राजीव शर्मा ने पूरे मामले को कोर्ट की अवमानना बताया है।
बजरंग दल के जिला संयोजक उज्ज्वल गुप्ता ने आजम खां के खिलाफ 2011 में देशद्रोह का मामला दर्ज कराया था। सूबे में सपा की सरकार बनने पर पुलिस ने मई 2012 में इस मामले में एफआर लगा दी। उज्ज्वल गुप्ता के प्रोटेस्ट पर कोर्ट ने एफआर खारिज कर पुनर्विवेचना का आदेश दिया। बाद में पुलिस ने मामले को दबाए रखा। उज्ज्वल की अर्जी पर कोर्ट ने पुलिस से जून 2015 में मामले की प्रगति रिपोर्ट मांगी। 18 जून को विवेचक ने फिर से एफआर दाखिल कर ली। सोमवर को उज्ज्वल के वकील राजीव शर्मा की ओर से कोर्ट में धारा 190 (2) के तहत अर्जी दी गई है। वादी के वकील ने कहा है कि विवेचक को मामले में स्वयं सबूत जुटाने चाहिए थे। जबकि वह वादी से सबूत मुहैया कराने को कह रहा है। मामले में आठ गवाहों ने शपथ पत्र देकर आजम के भारत विरोधी बयान की तस्दीक की है। इससे बड़ा सबूत क्या हो सकता है। ऐसे में कोर्ट स्वत: संज्ञान लेकर आरोपी को तलब कर सकता है। विवेचक के खिलाफ भी अवमानना का मामला बनता है।
कोर्ट परिसर में पुतला फूंकने के मामले में चार्जशीट
बदायूं। कोर्ट परिसर में न्यायिक अधिकारी का पुतला फूंकने के मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर ली है। चार्जशीट में जिला बार के अधिवक्ताओं को आरोपी बनाया गया है। बता दें कि 2014 में अधिवक्ताओं ने कोर्ट परिसर में आंदोलन के दौरान अपर जिला जज का पुतला फूंका था। इस मामले में कुछ अधिवक्ताओं की भी नामजदगी हुई थी। विवेचक ने मामले में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है।