बदायूं। मुख्यमंत्री के जापान दौरे से जिले के उद्यमियों और व्यापारियों में उत्साह की लहर है। उनका मानना है कि यदि जापानी कंपनियां प्रदेश में निवेश करेंगी तो गंगा एक्सप्रेसवे पर विकसित हो रहे औद्योगिक गलियारे की चमक बढ़ जाएगी। इन कंपनियों के आने से जिले के लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ होगा।
जापान और सिंगापुर की कंपनियों ने निवेश करने का खुला ऑफर दिया है। मुख्यमंत्री की इस यात्रा को उत्तर प्रदेश में आधुनिक परिवहन ढांचे और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के विस्तार की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मैग्लेव जैसी भविष्य की तकनीक का अनुभव नीति निर्माण और दीर्घकालिक योजनाओं के लिए उपयोगी होगा। जापानी कंपनियों के निवेश से जिले में स्थापित औद्योगिक गलियारों से व्यापार को नई गति मिलेगी।
हमारा जिला कृषि प्रधान है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लोकेशन उपयुक्त है। यदि नीति, बिजली, स्किल सेंटर और टैक्स इंसेंटिव सही मिले तो बदायूं गंगा एक्सप्रेसवे के कारण लॉजिस्टिक्स व कृषि प्रोसेसिंग हब बन सकता है।
–केबी गुप्ता, जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल
आलू, गेहूं और गन्ना प्रोसेसिंग के क्षेत्र में जापानी कंपनियां हाई-क्वालिटी फूड पैकेजिंग टेक्नोलॉजी ला सकती हैं। इसका जिले को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है।
–आशीष रस्तोगी, कृषक एवं व्यापारी
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गंगा एक्सप्रेसवे पर विकसित औद्योगिक गलियारा तेज लॉजिस्टिक्स नेटवर्क प्रदान करेगा। जापान और सिंगापुर के निवेश लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग क्षेत्रों को आकर्षित कर रहे हैं। इससे बदायूं को भी लाभ मिलने की संभावना है।
– चंद्र प्रकाश गुप्ता, वरिष्ठ व्यापारी
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वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज और पैकेजिंग जैसी यूनिट्स के कारण एक्सप्रेसवे के माध्यम से 24–48 घंटे में बड़े शहरों तक डिलीवरी संभव हो सकेगी। इस मॉडल के लिए सिंगापुर आधारित लॉजिस्टिक सिस्टम लागू किया जा सकता है।
– दिवाकर वर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं लॉजिस्टिक एक्सपर्ट
दिवाकर वर्मा
दिवाकर वर्मा
दिवाकर वर्मा