परिवार वालों ने यह वजह बताई कत्ल की
परिजनों के मुताबिक वीरेंद्र की गांव के ही एक युवक से गहरी दोस्ती थी। सात माह पहले वीरेंद्र ने दोस्त के बहनोई का ट्रैक्टर एक कंपनी में किराये पर लगवाया था। ट्रैक्टर-ट्रॉली से लौटते समय गाजियाबाद हाईवे पर हादसे में बहनोई की मौत हो गई थी। इस हादसे में वीरेंद्र के बचने पर दोस्त उसकी साजिश समझते हुए दुश्मनी मानने लगा। दोनों के बीच बोलचाल तक बंद हो गई।
दोस्त ने वीरेंद्र को चेतावनी भी दी थी कि बहनोई और तुम्हारी होली की गमी एक साथ होगी। चाचा रामानंद का कहना है कि दोस्त से दुश्मन बने युवक ने अपने भाइयों के साथ वीरेंद्र पर पहले दो बार हमले किए तो पुलिस से शिकायत की गई, मगर पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। यही वजह रही कि आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए और हत्या कर दी।
एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं। थाना पुलिस ने हादसे की सूचना दी थी। इस मामले में गहनता से जांच कराई जा रही है। जो भी साक्ष्य मिलेंगे उसके आधार पर कठोर कार्रवाई कराई जाएगी। दोषी कोई भी हो कार्रवाई से बच नहीं नहीं सकता। निर्दोष लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी।