रोते-बिलखते मृतक के परिजन। स्रोत- ग्रामीण
बदायूं। ईंट-भट्ठे की मजदूरी के विवाद में गांव ग्योति के छह लोगों ने मामा-भांजे पर लाठी-डंडे और फरसे से हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल मामा वासुदेव की इलाज के दौरान सेफई मेडिकल कॉलेज में सोमवार को मौत हो गई, जबकि भांजे सर्वेश का इलाज चल रहा है।
हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव ग्योति निवासी राजवीर ने बताया कि उसका भाई वासुदेव व भांजा सर्वेश भट्टे पर लेबर ठेकेदारी का काम करते थे। गांव के ही राजेंद्र, राजीव, ओमपाल, विजय, अशोक और अमन काफी समय से सर्वेश से पैसों की मांग कर रहे थे। 25 जनवरी की शाम करीब छह बजे जब सर्वेश अपने मामा वासुदेव के साथ दावत खाकर लौट रहा था, तब आरोपियों ने लाठी-डंडे, लोहे की रॉड और फरसे से लैस होकर उनका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने शराब के लिए पैसों की मांग की। इनकार करने पर जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए राजवीर और प्रेमशरण के साथ भी मारपीट की गई।
घायलों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां गंभीर हालत में उनको सेफई मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। रविवार को वासुदेव की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने सभी छह आरोपियों के खिलाफ हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर उपनिरीक्षक अशोक कुमार को मामले की जांच सौंपी गई है।
वहीं पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सीओ केके तिवारी ने बताया कि मारपीट में घायल की इलाज के दौरान मौत हुई है। मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।