बदायूं। वायु प्रदूषण को लेकर शासन-प्रशासन लगातार सख्ती बरत रहा है। पुराने वाहनों का जिले में संचालन तो हो रहा है, लेकिन इन वाहनों के स्वामी प्रदूषण की जांच कराना उचित ही नहीं समझ रहे हैं। जून और जुलाई में मात्र 28 वाहनों के ही प्रदूषण के चलते चालान किए गए, जबकि सैकड़ों वाहन रोजाना सड़कों पर काला जहरीला धुआं छोड़ते हुए फर्राटा भर रहे हैं।
जिले में पुराने वाहनों के संचालन पर कोई प्रतिबंध नहीं है। 15 साल के बाद वाहनों की वैधता बढ़ाकर जब तक मर्जी हो तब तक चला सकते हैं। परिवहन विभाग के आंकड़े बता रहे हैं कि 18 हजार वाहन ऐसे हैं, जो 15 साल से अधिक पुराने हैं। उनकी वैधता भी नहीं बढ़वाई गई है। यह वाहन न तो प्रदूषण की जांच करा रहे हैं और न ही फिटनेस कराने के लिए ही आ रहे हैं।
वायु प्रदूषण भले ही आम जीवन पर दुष्प्रभाव डाल रहा हो, लेकिन यहां के लोग इसके प्रति सचेत नहीं और न ही परिवहन विभाग। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जून व जुलाई में मात्र 28 ही ऐसे वाहन विभाग को मिले, जिन्होंने प्रदूषण की जांच नहीं कराई। कुछ वाहन तो ऐसे हैं जो काला धुंआ फेंकते हुए चौकी थानों के सामने से ही हर रोज निकल रहे हैं।
प्रदूषण को लेकर दो महीने में कोई अभियान नहीं चलाया गया है, जो वाहन पुराने हैं और वैधता नहीं बढ़वा रहे हैं उनको नोटिस दिए जा चुके हैं। जल्द ही अभियान चलाकर प्रदूषण न कराने वाले वाहनों के चालान कराए जाएंगे। बिना प्रदूषण का एक भी वाहन संचालित होने दिया जाएगा। - अमरीश कुमार, एआरटीओ