बदायूं। शहर में अब फिर से ई-रिक्शा बेरोकटोक दौड़ने लगे हैं, जबकि शासन की ओर से बिना नंबर व बिना पंजीकरण के ई-रिक्शा संचालन पर रोक है। छह माह पहले अभियान चलाकर एआरटीओ और यातायात पुलिस ने करीब 14 सौ ई-रिक्शा सीज कर दिए गए थे। उस समय कार्रवाई से बचने के लिए लोगों ने अपने घरों में ई-रिक्शा खड़े कर लिए थे, जो अब फिर चलने लगे हैं।
शहर में अवैध ढंग से दौड़ रहे ई-रिक्शा पर प्रशासन ने कई बार लगाम लगाने की कोशिश की, लेकिन कोई खास असर नहीं हुआ। सख्ती बरतने पर दो-चार दिन समस्या से निजात मिल जाती, बाद में व्यवस्था पुराने ढर्रे पर लौट आती है। परिवहन निगम के आंकड़ों के अनुसार छह हजार ई-रिक्शा में से मात्र 15 सौ ही पंजीकृत हैं। शेष के पंजीकरण के लिए अधिकारी सख्ती से पहल नहीं कर पा रहे। इस वजह से रोडवेज बस स्टैंड से लेकर आंबेडकर पार्क, जिला अस्पताल के सामने समेत प्रमुख बाजारों में दिनभर जाम लग रहा है।
ई-रिक्शा के लिए कोई स्टैंड नहीं
शहर में ई-रिक्शा चालकों को किसी स्टैंड से कोई मतलब नहीं होता। टेंपों चालकों के लिए चार स्टैंड बनाए गए हैं, लेकिन ई-रिक्शा चालक जहां चाहे वहां स्टैंड बना लेते हैं। बीच बाजार में खड़े होकर सवारियों को बैठाने से जाम लग जाता है। शहर में सुभाष चौक, मढ़ई चौक, सराफा बाजार, बड़ा बाजार, छह सड़का, घास मंडी आदि स्थानों पर दिन भर जाम की स्थिति रहती है।
बाजार में जाम से लोग परेशान
यातायात पुलिस पूरी तरह से निष्क्रिय दिख रही है। टीआई की तैनाती के बाद से पुलिस कर्मी शहर में जिम्मेदारी से काम करते नहीं दिख रहे हैं। बाजार में बिना किसी रोक के ई-रिक्शा घुस रहे हैं, जिससे दुकानदारों से लेकर ग्राहकों को भी परेशान होना पड़ रहा है।
बिना पंजीकरण ई-रिक्शा किसी कीमत पर संचालित नहीं होने दिए जाएंगे। चालकों को कई बार हिदायत दी जा चुकी है, अब भी अगर नहीं मानते हैं तो इन पर भी कार्रवाई करेंगे। - अजय पाल सिंह, इंस्पेक्टर यातायात बदायूं