टी-20 एशिया कप में टीम इंडिया द्वारा मेजबान बंगलादेश को आठ विकेट से पराजित करने पर शहर के अलावा जिले के अन्य स्थानों पर देर रात तक आतिशबाजी का सिलसिला चलता रहा। पटाखों की गूंज के बीच टीम इंडिया की जीत के नारे लगातार लगते रहे।
एशिया कप के फाइनल को लेकर क्रिकेट प्रेमी सुबह से बैचेन थे। जब यह पता चला कि बंगलादेश में बरसात हो रही है तो उन्हें कुछ निराशा भी हुई लेकिन बाद में पता चला कि मैच 15-15 ओवरों का होगा। सो क्रिकेट प्रेमी टेलीविजन के सामने मैच देखने को बैठ गए। क्रिकेट प्रेमियों को शुरु से ही यह लग रहा था कि टीम इंडिया के खिलाड़ी जबरदश्त फार्म में चल रहे हैं इसलिए फाइनल इंडिया ही जीतेगी।
बंगलादेश की टीम के 120 रन बनाने के बाद क्रिकेट प्रेमियों को लग रहा था कि यह स्कोर मैच लड़ने लायक है। जब ओपनर रोहित शर्मा जल्द ही आउट हो गए तो क्रिकेट प्रेमियों को थोड़ी चिंता सताने लगी लेकिन शिखर धवन और विराट कोहली ने सब कुछ आसान कर दिया। रही-सही कसर कैप्टन कूल एमएस धोनी ने एक ही ओवर में दो छक्के और एक चौका लगाकर पूरी कर दी और टीम इंडिया को आठ विकेट से जीत दिलाकर एशिया कप अपने नाम कर लिया। जैसे ही धोनी ने छक्का मारा तैसे ही क्रिकेट प्रेमी घरों से निकलकर सड़क पर आ गए और आतिशबाजी छोड़कर जश्न मनाने लगे। यहां एमपी सिंह, जेएस चुंग, मनोज कुमार, राजकिशोर महेश चंद्र आदि ने खुशी में पटाखे छोड़े।
----
धोनी के पोस्टर से आक्रोशित थे क्रिकेट प्रेमी
बदायूं। फाइनल मैच देख रहे दर्शकों द्वारा टीम इंडिया के कप्तान एमएस धोनी का एक गलत पोस्टर दिखाए जाने से हर कोई क्रिकेट प्रेमी नाराज था। शायद धोनी ने भी नाराजगी का जबाव अपने बल्ले से जाहिर किया तब पोस्टर दिखाने वाले दर्शकों के पास आंसू बहाने के अलावा कुछ नहीं बचा।