इसके अलावा मोबाइल रिचार्ज 250 से बढ़ाकर 350 रुपये करने, ई-कवच के लिए स्मार्टफोन उपलब्ध कराने और सीएचसी-पीएचसी पर आशाओं के ठहरने के लिए अलग कमरा निर्धारित करने की मांग की गई।
उन्होंने मृत्यु की स्थिति में आश्रित को नौकरी और 10 लाख रुपये की सहायता देने, भुगतान में कटौती की स्थिति में लिखित सूचना देने तथा संगिनी को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की भी मांग उठाई।