बदायूं। शासन के निर्देश पर जिले की 17 सीएचसी पर महीने के चौथे शनिवार को मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेला लगा। आसफपुर सीएचसी पर डॉक्टर नदारद मिले। यहां सीएचसी फार्मासिस्ट के हवाले रही। ऐसे ही ककराला सीएचसी पर डॉक्टर नहीं मिले। यहां भी होम्योपैथिक व दांत के डॉक्टरों के साथ फार्मासिस्ट ही मरीजों का इलाज करते मिले।
महीने के चौथे शनिवार को हर सीएचसी पर आरोग्य मेले का विशेष आयोजन किए जाने के निर्देश हैं। विभाग की अनदेखी के चलते मरीजों को इसका सही लाभ नहीं मिल पा रहा। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मेले में डॉक्टर तक नहीं आ रहे हैं। फार्मासिस्ट मरीज को देखकर दवा दे रहे हैं। यह लापरवाही कभी भी मरीजों की जान आफत में डाल सकती है।
फार्मासिस्ट ने 102 मरीजों को दी दवा
आसफपुर। सीएचसी पर करीब एक बजे पड़ताल कराई गई तो सामने आया कि डॉ. हिमांशु कुमार नहीं हैं। फार्मासिस्ट समद अली ने मेले में दवा लेने आए 102 मरीजों के पर्चे पर दवा लिखी। मरीजों ने दवा ली और घर चले गए। अधिकांश मरीज सर्दी खांसी व बुखार के ही सामने आए। एमओआईसी डॉक्टर हिमांशु कुमार का कहना है कि वह ब्लाक पर एक बैठक में शामिल होने गए थे। संवाद
सैदपुर में सीएचसी पर एक्सरे नहीं, हेल्थ एटीएम भी रहा बंद
सैदपुर। सीएचसी पर स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। शनिवार को यहां 147 मरीजों ने पर्चा बनवाकर दवा ली। अधिकांश मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार और खुजली के पहुंचे। 15 मरीजों ने खून की जांच कराई। मेले में हेल्थ एटीएम चालू नहीं मिला। एक्सरे की कोई सुविधा सीएचसी पर मौजूद नहीं है। संवाद
ककराला सीएचसी पर एमओआईसी रहे नदारद
ककराला। सीएचसी पर आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। अमूमन एमओआईसी यहां मरीजों को देखकर दवा देते हैं, लेकिन शनिवार को डॉ. भुवनेश नदारद रहे। पूछने पर बताया कि उनकी पोस्टमॉर्टम में ड्यूटी लगी है। हालांकि वह पोस्टमॉर्टम हाउस पर भी नहीं पहुंचे थे। यहां होम्योपैथी के डॉ. राकेश ने 24, दंत रोग विशेषज्ञ ने 65 व आयुष की डॉ. जेवा खानद ने 45 मरीजों को देख कर दवा दी। संवाद
चौथे शनिवार को सभी 17 सीएचसी पर आरोग्य मेला आयोजित किया जाता है। जो डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं रहे हैं, उनको नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा। उसके बाद विभागीय कार्रवाई कराई जाएगी। -डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ
सैदपुर सीएचसी पर मेला में मौजूद डॉक्टर व दवा लेते मरीज। संवाद- फोटो : संवाद