उसहैत। नगर के वार्ड नंबर एक, अस्तल मंदिर के पास रहने वाली 72 वर्षीय बुजुर्ग महिला ओमवती और उनके पति हीराल स्मार्ट मीटर लगने के बाद आए भारी-भरकम बिजली बिल से परेशान हैं। दंपती मजदूरी कर अपना गुजारा करते हैं। उनके घर में सिर्फ एक पंखा और नौ वाट के दो एलईडी बल्ब लगे हैं।
ओमवती ने बताया कि नवंबर 2025 तक उनका मासिक बिजली बिल लगभग 200 रुपये आता था, जिसे वह नियमित जमा करती थीं। 12 दिसंबर 2025 को बिजली निगम के कर्मचारियों ने जबरन उनके यहां स्मार्ट मीटर लगा दिया। जनवरी 2026 में जब वह बिल जमा करने विद्युत उपकेंद्र पहुंचीं तो उनसे एक महीने का 10,000 रुपये का बकाया बिल मांगा गया।
कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। फरवरी में उन्होंने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया, लेकिन मई में उन्हें 41,379 रुपये का बिल थमा दिया गया। जमा न कर पाने पर कनेक्शन काट दिया गया। बुजुर्ग दंपती अब जगह-जगह अपनी समस्या के समाधान के लिए भटक रहे हैं। ओमवती आसपास के घरों में काम कर परिवार चला रही हैं। इस मामले पर विद्युत निगम के एसडीओ सौरभ ने कहा कि मामले की जांच कर बिल को संशोधित कराया जाएगा और बिजली आपूर्ति भी सुचारू कर दी जाएगी।