बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज के लिए शासन की ओर से बड़ी सौगात मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मेडिकल कॉलेज को छह करोड़ रुपये की धनराशि की मांग की है। उम्मीद है कि शासन से जल्द ही जारी होने वाले बजट से जहां आधुनिक उपकरणों की खरीद की जाएगी, वहीं अस्पताल की रोजमर्रा की व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया जाएगा। वहीं सीनियर रेजिडेंट के 35 पदों पर संविदा नियुक्ति की प्रक्रिया भी चल रही है।
दवाओं से लेकर भोजन व्यवस्था तक होगा सुधार
इस धनराशि का बड़ा हिस्सा औषधियों की खरीद, रोगियों के उपचार में प्रयोग होने वाली सर्जिकल सामग्री, तथा अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए पौष्टिक भोजन की व्यवस्था पर खर्च किया जाएगा। इसके अलावा आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय के भुगतान में भी इस राशि का उपयोग किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल सके और कार्य व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
सीनियर रेजिडेंट के 35 पदों पर होगी संविदा नियुक्ति
राजकीय मेडिकल कॉलेज में विभिन्न विभागों में रिक्त चल रहे सीनियर रेजिडेंट के पदों को भरने के लिए एक बार फिर चयन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रधानाचार्य डॉ अरुण कुमार ने बताया कि कॉलेज में संविदा आधार पर सीनियर रेजिडेंट के कुल 35 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए इच्छुक अभ्यर्थियों का चयन वॉक-इन-इंटरव्यू के माध्यम से किया जाएगा। रिक्त पदों में प्रमुख रूप से अस्थि रोग, ईएनटी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, एनेस्थीसिया, सामान्य मेडिसिन, सामान्य सर्जरी, रेडियोडायग्नोसिस, टीबी एवं चेस्ट, मानसिक रोग, रेडियोथैरेपी तथा इमरजेंसी मेडिसिन विभाग शामिल हैं। सबसे अधिक पद इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में निर्धारित किए गए हैं।
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रेजिडेंट डॉक्टरों का यह होता काम
मेडिकल क्षेत्र में रेजिडेंट उस डॉक्टर को कहा जाता है जो एमबीबीएस करने के बाद किसी विशेष विषय (जैसे मेडिसिन, सर्जरी, स्त्री रोग, एनेस्थीसिया आदि) में विशेषज्ञ बनने के लिए अस्पताल या मेडिकल कॉलेज में रहकर प्रशिक्षण और सेवा करता है। रेजिडेंट वह डॉक्टर होता है जो पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के दौरान अस्पताल में मरीजों का इलाज भी करता है और साथ-साथ विशेषज्ञता की पढ़ाई भी करता है। रेजिडेंट डॉक्टर भर्ती मरीजों की देखभाल, ओपीडी और इमरजेंसी में ड्यूटी, सीनियर डॉक्टरों के निर्देशन में इलाज, ऑपरेशन, जांच और रिपोर्ट तैयार करना, मेडिकल छात्रों को सहयोग आदि काम करते हैं।
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शासन से छह करोड़ रुपये की मांग की गई है। इससे आधुनिक उपकरणों की खरीद की जाएगी, वहीं अस्पताल की रोजमर्रा की व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया जाएगा। सीनियर रेजिडेंट के 35 पदों पर होगी संविदा नियुक्ति की प्रक्रिया भी चल रही है।
डॉ. अरुण कुमार, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज