सहसवान। बचत के अपने अलग ही फायदे हैं। वास्तव में यह एक ऐसा इन्वेस्टमेंट है जो आपात स्थिति में हमारे काम आता है। ऐसे में विद्यार्थी जीवन से ही बचत करनी शुरू कर देनी चाहिए। बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंधक रवि सिंह चौहान ने छात्राओं को बचत करने के कुछ ऐसे ही टिप्स दिए, साथ ही उन्हें एजुकेशन लोन की प्रक्रिया भी समझाई।
अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत सहसवान के मोद्दीनपुर स्थित नेहरू इंटर कॉलेज में कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसके मुख्य अतिथि बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक रवि सिंह चौहान ने कहा कि यदि छात्र जीवन से ही बचत शुरू कर दी जाए तो इसके बड़े ही फायदे हैं। सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक अच्छी राशि जमा करने के बाद खुद में आत्मविश्वास पैदा होता है। आपात स्थिति में इस बचत का उपयोग किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पैसों की कमी के चलते कभी भी अपनी शिक्षा का त्याग न करें। यदि ऐसी स्थिति पैदा हो तो तमाम योजनाएं विद्यार्थियों के लिए चल रहीं हैं। बैंक एजुकेशन लोन के रूप में तीन से चार लाख तक की राशि देते हैं। किसी स्पेशल कोर्स के लिए अधिक लोन की भी व्यवस्था है। यदि कोई विदेश में अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहता है तो उसके लिए भी योजनाएं हैं। विद्यार्थियों को बस मन लगाकर पढ़ने की जरूरत है।
इस दौरान उन्होंने छात्राओं को महिला शक्ति बचत खाता, मुद्रा योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना समेत कई योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी।
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बिजनेस लोन की भी दी जानकारी
कार्यक्रम में केवल एजुकेशनल लोन की ही नहीं, बल्कि बिजनेस लोन की भी जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि ने कहा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद सबसे ज्यादा समस्या युवाओं के सामने रोजगार की आती है। नौकरियां आजकल वैसे ही कम है, साथ ही युवाओं का रुझान स्टार्टअप की तरफ भी बढ़ा है, ऐसे में तमाम रोजगार के लिए लोन उपलब्ध है। इस दौरान छात्रा आरिफा रहमान, कविता, नैना, कहकशां, तनु आदि ने नारी सशक्तीकरण को लेकर अपनी बात कविताओं के माध्यम से रखी। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य केपी सिंह राघव, व्यवस्थापक अध्यापक गौरव सक्सेना, रवि सक्सेना, मंसूर अली, गरिमा माहेश्वरी आदि मौजूद रहे।