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पढ़ी लिखी बेटी ही मजबूती से कर सकती है हर संकट का सामना

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छात्राओं को संबोधित करते सीओ बिल्सी और मौजूद छात्राएं। संवाद - फोटो : BADAUN
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बिसौली। सिद्धबाबा इंटर कॉलेज शरह बरौलिया में बालिका सुरक्षा के बारे में छात्राओं को बताया गया। मुख्य अतिथि सीओ बिल्सी बलदेव सिंह खनेड़ा ने कहा कि आज के दौर में महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कमतर नहीं हैं। शिक्षित बेटी हर मुसीबत का डटकर मुकाबला कर सकती है।
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अपराजिता कार्यक्रम में छात्राओं को उनके अधिकार के साथ-साथ सुरक्षा के उपायों की जानकारी देते हुए सीओ खनेड़ा ने कहा कि जहां एक ओर आज पूरा विश्व महिला दिवस मना रहा है वहीं महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को किसी भी स्थिति में न तो डरने की जरूरत और न ही संयम खोने की। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस की मदद लेने से भी छात्राओं को नहीं हिचकना चाहिए।
एसओ वीरेंद्र सिंह राणा ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा के लिए पुलिस हर वक्त तैयार है। राणा ने महिला हेल्प डेस्क व महिला हेल्पलाइन के बारे में भी बताया। महिला कांस्टेबल रोली, कंचन व अन्नू ने छात्राओं को शिक्षा ग्रहण कर मजबूत बनने व खुद की सुरक्षा के प्रति जागरूक होने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य नरेश चंद्र, राजकुमार शर्मा, प्रवीण मिश्रा, सत्यप्रकाश शाक्य आदि शिक्षक उपस्थित रहे।
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बेटियां बोलीं-
महिला दिवस पर मैं स्वयं व आसपास की महिलाओं को शिक्षित करने व सुरक्षा के प्रति जागरूक होने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लेती हूं। शिक्षा महिलाओं को समाज में उचित स्थान दिलाने का एक सशक्त माध्यम है।
-सोनम
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समाज में महिलाओं को सबसे अधिक खुद को सुरक्षित रखने की चिंता सताए रहती है। माता पिता भी बेटी के घर से बाहर होने पर चिंतित नजर आते हैं। महिला सुरक्षा के प्रति सुधार किए जाने की जरूरत है।
- महक
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मैं जब स्कूल जाती हूं तो माता-पिता को मेरी सुरक्षा की सर्वाधिक चिंता सताए रहती है। पहले तो मैं इन बातों को लेकर अजीब सी मनोस्थिति में थी। अब समझ आ गया है कि आखिर क्यों हर माता-पिता को बेटियों की सुरक्षा की परवाह है।
- मुस्कान
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शिक्षित लड़की अपनी सुरक्षा खुद भी कर सकती है। शिक्षा महिलाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाती है। मानसिक रूप से मजबूत महिला हर संकट का सामना बखूबी कर सकती है।’
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-कशिश
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