बदायूं। गिंदो देवी महिला महाविद्यालय में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100-मिलियन स्माइल्स के तहत सोमवार को गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें मुख्य अतिथि सीओ सिटी आलोक मिश्रा ने छात्राओं को साइबर क्राइम, यातायात के नियम समेत तमाम जानकारियां दीं। छात्राओं को बताया कि वह घर से बाहर निकलें तो अपने परिवार वालों को लाइव लोकेशन जरूर भेजें।
सोमवार दोपहर आयोजित हुई गोष्ठी में सीओ सिटी आलोक मिश्रा ने बताया कि पुलिस के हेल्पलाइन नंबर महिलाओं और छात्राओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। अगर कोई अनचाही कॉल से परेशान करे तो 1090 पर कॉल करके उसकी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। इस दौरान पीड़ित का नाम, पता उजागर नहीं किया जाएगा। उस नंबर की डिटेल खंगालकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तीन माह तक पुलिस पीड़ित के संपर्क में रहेगी। बाद में भी पीड़ित से फीडबैक लिया जाएगा। इस तरह की घटनाओं में निर्भया कांड के बाद ज्यादा सख्ती हुई है। इससे किसी को अब डरने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि अधिकतर छात्राएं मोबाइल चलाती हैं। इससे जब भी वह घर से बाहर निकलें तो अपनी लाइव लोकेशन परिवार को जरूर भेजें। सोशल मीडिया पर सावधान रहें। कोई फोटो या वीडियो अन्य लोगों को भेजने से बचें। क्योंकि आजकल सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो गलत प्रयोग होते हैं।
उन्होंने कहा कि इन दिनों यातायात माह चल रहा है। परिवार वाले भी वाहन लेकर घर से निकलें तो उन्हें सीट बेल्ट और हेलमेट लगाने की याद जरूर दिलाएं। इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार धामा ने कहा कि छात्राओं को डरने की जरूरत नहीं है। आजकल पुलिस हर जगह मिलती है। उन्हें कॉल करने की जरूरत है।
एसओ महिला थाना रेनू सिंह ने बताया कि वह महिला कॉलेजों के नजदीक चेकिंग करती रहती हैं। जब भी आवश्यकता पड़े, तुरंत कॉल करें।
प्राचार्य डॉ. वंदना शर्मा ने कहा कि लोग कहते हैं महिला सबसे कमजोर होती हैं। मगर उनका मानना है कि महिला सबसे ताकतवर होती है। उन्होंने सभी का आभार जताया। इस दौरान डॉ. गार्गी बुलबुल, डॉ. उमा सिंह गौर, डॉ. सरला चक्रवती, डॉ. मुक्ता सक्सेना, डॉ. इंदू शर्मा, डॉ. शिखा पांडेय, डॉ. पूनम सिंह व डॉ. सोनी मौर्या मौजूद रहीं।
आज सोशल मीडिया का जमाना है। हर व्यक्ति व्हाट्सएप और फेसबुक पर सजग रहता है। तमाम फर्जी अकाउंट चल रहे हैं। इससे लोगों को बचने की जरूरत है। कौन व्यक्ति कब धोखा दे जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। - प्रीती, छात्रा
जो बच्चे जागरूक नहीं हैं। हमारा कर्तव्य है कि हम उन्हें समाज की तमाम बातों को लेकर जागरूक करें। खासकर अपनी सहेलियों और साथ पढ़ने वाली छात्राओं को जरूर सजग करें। इससे वह तमाम परेशानियों से बच सकते हैं। - साक्षी, छात्रा
परिवार वाले भी ध्यान रखें कि उनके बच्चे क्या कर रहे हैं, कहां जा रहे हैं। उनकी सजगता बच्चों को गलत रास्ते पर जाने से रोक सकती है। समय-समय पर उनका मार्ग दर्शन हो सकता है। यह बहुत जरूरी भी है।- पूनम यादव
समाज किसी अकेले का नहीं है। इसमें तमाम लोग शामिल रहते हैं। जो लोग गंदा व्यवहार करते हैं, समाज के लोग उनकी बातों को बढ़ावा न दें। उनका परित्याग करें। इससे अपना समाज साफ और सुरक्षित रहे। - नेहा, छात्रा