वजीरगंज (बदायूं)। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत शुक्रवार को नगर के एनआर इंटर कॉलेज में ‘तकनीक कितनी फायदेमंद और कितनी नुकसानदायक’ विषय पर कार्यशाला हुई, जिसमें आधुनिक उपकरणों के बारे में छात्राओं को समझाया गया। उन्हें बताया गया कि आज आधुनिक उपकरण जितने महत्वपूर्ण हैं, उतने ही नुकसानदायक भी हैं। थोड़ी असावधानी भी बड़ा नुकसान कर सकती है। इसलिए इनके बारे में पहले जान लेना बहुत जरूरी है, तभी किसी चीज का उपयोग करें तब बेहतर होगा।
अपराजिता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुन्नालाल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य पुष्पदेव भारद्वाज ने कहा कि आज जिसे देखो मोबाइल पर निर्भर है। कुछ शौक में प्रयोग करते हैं तो कुछ लोगों को वास्तव में जरूरत है। मल्टीमीडिया मोबाइल आने से लोगों पर काफी प्रभाव पड़ा है। आधुनिक तकनीक इतनी विकसित हो गई है कि घर बैठे व्यक्ति कई कार्य कर सकता है। लोगों से वीडियो कॉलिंग, रुपये ट्रांसफर, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, रेलवे टिकट बुक कर सकता है। देश विदेश में बैठे लोगों से सीधे संपर्क कर सकता है। जितने हमें फायदे होते हैं, उतने नुकसान भी हैं। हमारा पासवर्ड हैक होते ही बड़ा नुकसान हो सकता है।
विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त नेवी इंजीनियर रतनेश शर्मा ने कहा कि हर समय मोबाइल प्रयोग करने से आंखें कमजोर होने लगती हैं। भविष्य में लोगों को कम दिखने लगता है। छात्र-छात्राओं पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। मनोरंजन करने या गेम खेलने में उनका काफी समय नष्ट होता है। इसके अलावा ज्यादा इस्तेमाल करने से याददाश्त कमजोर होती है। हर चीज मोबाइल में सुरक्षित रखते हैं। आधुनिक युग में मशीनरी हो या कोई इलेक्ट्रानिक चीज, सावधानी सभी को प्रयोग करने के दौरान बरतनी पड़ती है। थोड़ी सी भी सावधानी हटी कि नुकसान तय है।
एसआई राजकुमार ने एटीएम कार्ड के इस्तेमाल और उससे नुकसान के बारे में बताया। एनआर कॉलेज के प्रधानाचार्य अखिलेश्वर चौहान ने बच्चों को मोबाइल और टीवी से दूर रहने की सलाह दी। इस मौके पर प्रवक्ता राजेंद्र सिंह, उजमा, सायमा, रजनीश शर्मा आदि स्टाफ मौजूद रहा।
छोटे बच्चों को न दें मोबाइल
-छोटे-छोटे बच्चों को मोबाइल नहीं देना चाहिए। अगर उन्हें मोबाइल की लत लग गई तो उनसे मोबाइल की लत छुड़ाना मुश्किल हो जाएगा। फिर लत ही सबसे बड़ा नुकसान का कारण बन सकती है।
जीनत आरा, अध्यापिका
हर जिद पूरी न करें अभिभावक
-जिनकी उम्र अभी पढ़ने की है। उन्हें मोबाइल जरूरी भी नहीं है। इसके बावजूद अभिभावक उन्हें प्यार में मोबाइल या इलेक्ट्रानिक वस्तुएं दे रहे हैं। उन्हें कम से कम मोबाइल और बाइक बालिग होने तक न दें।
ममता शर्मा, अध्यापिका
स्कूलों में प्रतिबंधित करें मोबाइल
-आज के समय में देख रहे हैं कि कक्षा नौ तक के बच्चे स्कूल में मोबाइल लेकर आ रहे हैं। इससे छात्र-छात्राओं का समय खराब होता है और क्लास भी ठीक से नहीं चलती। स्कूल में मोबाइल पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।
प्रसून राठौर, छात्रा
मोबाइल नंबर और जन्मतिथि न डालें पासवर्ड
-आप चाहे फेसबुक, ट्विटर या इंस्टाग्राम चला रहे हैं। उस पर मोबाइल नंबर और जन्मतिथि का पासवर्ड नहीं डालेें। एटीएम कार्ड का भी पासवर्ड गोपनीय रखें। ऐसे सिंपल पासवर्ड नुकसानदायक साबित हो सकते हैं।
पारुल यादव, छात्रा