उझानी। कांवड़िया अंकित की मौत के बाद उनके साथ और परिवार के लोग कोतवाली पहुंचे। पुलिस कर्मियों को हादसे के बारे में जानकारी देते समय मृतक का तहेरा भाई बबलू गश खाकर फर्श पर गिर पड़ा। काफी देर बाद होश में आने पर परिवार के लोगों ने राहत महसूस की।
बेहोश बबलू को होश में लाने के लिए पहले उनके चेहरे पर पानी के छींटे मारे गए। फिर पुलिस कर्मियों ने ग्लूकोज मंगाकर उसे पिलाया। होश में आने के बाद बबलू ने बताया कि वह उनका सगा भाई नहीं, लेकिन सगे से ज्यादा लाडला था। बबलू ने हादसे के लिए ट्रैक्टर चालक को जिम्मेदार ठहराया। बार- बार बदहवास दिखे बबलू ने पुलिस ने यह भी बताया कि ट्रैक्टर चालक ने लापरवाही नहीं की होती तो अंकित जिंदा होता। बबलू के कहने पर ही अंकित ने कांवड़ यात्रा की तैयारी की थी, लेकिन उसे क्या मालूम था कि जलाभिषेक से पहले ही उसकी जान चली जाएगी। इससे पहले साथी अन्य कांवड़ियों ने भी कोतवाली आकर पुलिस कर्मियों को हादसे की हकीकत से अवगत कराया। कांवड़िया करीब दो घंटे तक कोतवाली में डटे रहे।
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बेकाबू हो गया था कांवड़ियों का ट्रैक्टर
- हादसे के समय हम सभी कांवड़िया सड़क किनारे बैठे थे। उस वक्त दो- तीन कांवड़िया आराम की मुद्रा में थे। अंकित भी उन्हीं में से एक था, लेकिन बेकाबू ट्रैक्टर ने उसे रौंद दिया। वह पुलिस की गिरफ्त में है।- रोहित कुमार
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ट्रैक्टर सवार कांवड़ियों ने की मारपीट शुरू
- हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक ने मौके पर रुकने की जरूरत महसूस नहीं की, तभी ट्रैक्टर को घेरा गया। ट्रैक्टर- ट्रॉली सवार कांवड़ियों ने ही मृतक अंकित के साथियों के साथ मारपीट की। इसके बाद ही चालक को पकड़ा।- रोहित सिंह